छत्तीसगढ़ के दो माओवादी ओडिशा में मारे गए
छत्तीसगढ़ के दो माओवादी ओडिशा में ढेर
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा को माओवाद मुक्त बनाने की दिशा में सुरक्षा बलों को रविवार को बड़ी सफलता हाथ लगी है. कंधमाल जिले के नंदाबाड़ी और करडा वन क्षेत्र में हुई एक भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने दो माओवादियों को मार गिराया. मारे गए माओवादियों की पहचान छत्तीसगढ़ निवासी योगेश और रत्ना के रूप में हुई है.
जानकारी के मुताबिक, योगेश भाकपा (माओवादी) के केकेबीएन डिवीजन का एरिया कमेटी मेंबर था और उसे राज्य समिति के सदस्य शुक्रू का दाहिना हाथ माना जाता था, जबकि रत्ना पार्टी सदस्य के रूप में सक्रिय थी.
खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू हुई यह कार्रवाई रविवार को तब मुठभेड़ में बदल गई जब जंगल में छिपे माओवादियों ने सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी शुरू कर दी. करीब डेढ़ घंटे तक चली इस क्रॉस-फायरिंग के बाद माओवादी पीछे हटने को मजबूर हो गए.
सुरक्षा बलों ने मौके से दो शव बरामद कर उन्हें फूलबनी पुलिस मुख्यालय भेज दिया है. रिपोर्टों के अनुसार, इस मुठभेड़ में कई अन्य माओवादियों के घायल होने की भी खबर है.
वर्तमान में विशेष परिचालन समूह (SOG) ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और गहन तलाशी अभियान जारी है.
सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि मोस्ट-वांटेड माओवादी नेता शुक्रू इसी क्षेत्र में छिपा हो सकता है. सूत्रों का कहना है कि यदि शुक्रू पकड़ा जाता है या मारा जाता है, तो नकुल और अन्वेष जैसे अन्य बड़े माओवादी भी आत्मसमर्पण कर सकते हैं.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में बढ़ते दबाव के कारण माओवादी ओडिशा की सीमा में शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे देखते हुए सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं.