करोड़ों की चेक क्लोनिंग धोखाधड़ी में छत्तीसगढ़ के दो व्यापारी गिरफ्तार
भुवनेश्वर । डेस्क: ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़े बैंक फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ के दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों पर क्लोन किए गए (फर्जी) चेक के जरिए मयूरभंज जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के खाते से करीब 9.56 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है.
पकड़े गए आरोपियों की पहचान रायपुर निवासी सुरजीत रॉय (53) और समीर श्रीवास्तव (54) के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ में दो कंपनियां चलाते हैं. पुलिस के अनुसार, यह दोनों एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट के मुख्य सहयोगी हैं, जो छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में सक्रिय है.
ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि यह धोखाधड़ी अप्रैल 2024 में चार नकली चेक का उपयोग करके अंजाम दी गई थी. जांच के दौरान पता चला कि ठगी की गई कुल 9,56,76,600 रुपये की राशि को पहले एक निजी फर्म के खातों में ट्रांसफर किया गया और फिर वहां से कई अन्य खातों में भेज दिया गया. इसमें से करीब 45.19 लाख रुपये रॉय और 39.19 लाख रुपये श्रीवास्तव के खातों में पहुंचे थे.
इस मामले में तत्परता दिखाते हुए जांच एजेंसी ने विभिन्न 33 बैंक खातों में मौजूद 5.04 करोड़ रुपये को ब्लॉक और 13.56 लाख रुपये को फ्रीज कर दिया है. पुलिस का कहना है कि यह गिरोह पिछले कई सालों से फर्जी दस्तावेजों, लेयर्ड मनी ट्रांसफर और बिचौलियों के माध्यम से चेक-क्लोनिंग के घोटालों को अंजाम दे रहा था.
इस मामले में छत्तीसगढ़ के एक अन्य व्यवसायी ब्रजेश मिश्रा समेत मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से भी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. पुलिस को उम्मीद है कि इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करने में मदद मिलेगी.