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ट्रम्प ने SC से टैरिफ मामले में त्वरित सुनवाई की मांग की

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04 सित. 2025, 08:52 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह उनके द्वारा लगाए गए व्यापक आयात करों (टैरिफ) से संबंधित एक महत्वपूर्ण मामले की जल्द सुनवाई करे. ट्रम्प प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से फेडरल सर्किट के लिए अमेरिकी अपील कोर्ट के उस फैसले को पलटने की मांग की है, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति के अधिकांश टैरिफ 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत 'अवैध' हैं. 


यह याचिका बुधवार देर रात इलेक्ट्रॉनिक रूप से दायर की गई थी और गुरुवार को औपचारिक रूप से दर्ज होने की उम्मीद है.

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सॉलिसिटर जनरल डी. जॉन सॉयर ने तर्क दिया कि अपील कोर्ट का फैसला ट्रम्प प्रशासन द्वारा पिछले पांच महीनों से टैरिफ के माध्यम से की जा रही विदेशी वार्ताओं पर अनिश्चितता का साया डालता है, जिससे पहले से तय ढांचागत सौदों और चल रही बातचीत को खतरा है. 


उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से नवंबर की शुरुआत में इस मामले की सुनवाई करने का अनुरोध किया है.


हालांकि, लिबर्टी जस्टिस सेंटर के वरिष्ठ वकील और मुकदमा निदेशक जेफ्री श्वाब ने कहा कि इन टैरिफों और उनकी अनिश्चितता से छोटे व्यवसायों को गंभीर नुकसान हो रहा है. 


उन्होंने कहा, "ये अवैध टैरिफ छोटे व्यवसायों को गंभीर क्षति पहुंचा रहे हैं और उनकी जीविका को खतरे में डाल रहे हैं. हमें उम्मीद है कि इस मामले का जल्द समाधान होगा."


फेडरल सर्किट कोर्ट ने 7-4 के फैसले में कहा कि IEEPA ट्रम्प को कांग्रेस की टैरिफ निर्धारण शक्ति को हड़पने की अनुमति नहीं देता. 


हालांकि, असहमति जताने वाले जजों ने तर्क दिया कि यह कानून राष्ट्रपति को आपातकाल के दौरान आयात को विनियमित करने की अनुमति देता है. यह मामला दो प्रकार के आयात करों से संबंधित है, जिन्हें ट्रम्प ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करके लागू किया था: अप्रैल में घोषित टैरिफ और फरवरी में कनाडा, चीन और मैक्सिको से आयात पर लगाए गए टैरिफ.


अमेरिकी संविधान कांग्रेस को कर और टैरिफ लगाने की शक्ति देता है, लेकिन दशकों से सांसदों ने राष्ट्रपति को यह अधिकार सौंपा है, और ट्रम्प ने इस शक्ति का व्यापक उपयोग किया है. 


अपील कोर्ट का फैसला कुछ टैरिफों, जैसे कि विदेशी स्टील, एल्यूमीनियम और ऑटोमोबाइल पर लगाए गए करों को प्रभावित नहीं करता, जो अन्य कानूनों के तहत लगाए गए हैं.


ट्रम्प प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर टैरिफ रद्द किए गए, तो सरकार को पहले से एकत्र किए गए आयात करों को वापस करना पड़ सकता है, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी को वित्तीय नुकसान होगा. 


अगस्त के अंत तक टैरिफ से 159 बिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो पिछले साल की तुलना में दोगुना है. ट्रम्प ने इन टैरिफों का उपयोग यूरोपीय संघ, जापान और अन्य देशों के साथ नए व्यापार सौदों के लिए दबाव बनाने के लिए किया है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP