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ट्रंप बोले- पुरानी परमाणु संधि खराब थी, अमेरिका-रूस के बीच नई संधि जरूरी

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06 फ़र. 2026, 06:41 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन । डेस्क: संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से न्यू स्टार्ट (New START) परमाणु हथियार संधि को स्वैच्छिक रूप से बढ़ाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. ट्रंप ने कहा है कि पुरानी संधि “खराब तरीके से बातचीत कर बनाई गई” थी और अब इसकी जगह एक नई, आधुनिक और बेहतर परमाणु संधि की जरूरत है.


ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिका और रूस के परमाणु विशेषज्ञों को मिलकर एक नई संधि पर काम करना चाहिए, जो लंबे समय तक टिकाऊ हो. उन्होंने यह भी दोहराया कि वे चाहते हैं कि चीन को भी इस नई परमाणु संधि में शामिल किया जाए, हालांकि बीजिंग ने इसमें रुचि नहीं दिखाई है.


न्यू स्टार्ट संधि की अवधि समाप्त होने के साथ ही अमेरिका और रूस के विशाल परमाणु शस्त्रागार पर लगे कई प्रतिबंध खत्म हो गए हैं. इससे संभावित परमाणु हथियारों की दौड़ को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है. पुतिन ने पिछले वर्ष संकेत दिया था कि यदि अमेरिका सहमत होता है तो रूस एक साल तक संधि का पालन जारी रख सकता है, लेकिन वॉशिंगटन ने इस प्रस्ताव को नजरअंदाज कर दिया.


मॉस्को ने संधि के खत्म होने पर खेद जताया है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस परमाणु स्थिरता के मुद्दे पर जिम्मेदार रुख अपनाएगा, लेकिन उसके फैसले राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे.


विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-रूस के बीच परमाणु हथियार नियंत्रण समझौतों के कमजोर पड़ने और भारत-पाकिस्तान जैसे परमाणु संपन्न देशों के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं. न्यू स्टार्ट संधि के बाद अब दोनों देशों के बीच नई परमाणु डील पर बातचीत का रास्ता खुला है, लेकिन यह प्रक्रिया आसान नहीं मानी जा रही है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP