ट्रंप का दावा- पाक के PM ने खुद मांगी थी युद्ध रोकने में मदद
वॉशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 'स्टेट ऑफ यूनियन एड्रेस' में सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे भारत के साथ जारी युद्ध को रुकवाने के लिए व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया था. ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तानी पीएम ने उनसे स्वीकार किया कि यदि अमेरिका हस्तक्षेप नहीं करता, तो भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध छिड़ जाता, जिसमें कम से कम 35 मिलियन (3.5 करोड़) लोगों की जान जा सकती थी.
राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि उनके दखल के कारण ही दक्षिण एशिया एक बड़ी तबाही से बच सका. ट्रंप ने अपने संबोधन में यह भी गिनाया कि उन्होंने अपने शुरुआती 10 महीनों में कंबोडिया और थाईलैंड सहित आठ युद्धों को शांत कराया है.
गौरतलब है कि यह विवाद पिछले साल 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़ा है, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने भी भारत पर ड्रोन हमले किए थे.
ट्रंप ने पिछले साल 10 मई को सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उनके कहने पर दोनों देश युद्धविराम के लिए तैयार हुए हैं.
हालांकि, भारत ने ट्रंप के इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए हमेशा यही कहा है कि संघर्ष विराम का अनुरोध सीधे पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) की ओर से आया था और इसमें किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी.
इसके बावजूद, ट्रंप ने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि वे कूटनीति के माध्यम से दुनिया भर के संघर्षों को खत्म कर रहे हैं, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान का परमाणु मुद्दा भी शामिल है.