ट्रंप का दावा तेल के दाम कम करने वाला फेक न्यूज- अध्यक्ष ईरानी संसद
नई दिल्ली । डेस्क: तेहरान और वाशिंगटन के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने ईरान के साथ "सफल बातचीत" होने की बात कही थी. गालिबाफ ने इसे एक सोची-समझी 'फेक न्यूज' करार देते हुए कहा कि अमेरिका इस तरह के भ्रामक दावों का उपयोग वैश्विक तेल और वित्तीय बाजारों में हेरफेर करने के लिए कर रहा है.
गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़े शब्दों में लिखा कि अमेरिका और इजरायल जिस रणनीतिक दलदल में फंस चुके हैं, उससे निकलने और बाजार को प्रभावित करने के लिए इस तरह की झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं.
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी स्तर पर कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है.
यह बयान ट्रंप के उस पोस्ट के कुछ ही घंटों बाद आया, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया था कि रविवार को एक "शीर्ष ईरानी व्यक्ति" के साथ उनकी बेहद सार्थक चर्चा हुई है और इसी आधार पर उन्होंने ईरानी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया है.
ईरानी विदेश मंत्रालय ने भी गालिबाफ के सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि हालांकि कुछ मित्र देशों से बातचीत के प्रस्ताव मिले हैं, लेकिन अमेरिका के साथ कोई मेज साझा नहीं की गई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह दावा दरअसल उनके उस 48 घंटे के अल्टीमेटम से पीछे हटने का एक कूटनीतिक रास्ता हो सकता है, जिसमें उन्होंने 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' न खोलने पर ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह करने की धमकी दी थी.
फिलहाल, ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने से वैश्विक ईंधन आपूर्ति ठप है और तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हैं, जिसे नीचे लाने के लिए अमेरिका पर भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव हैद