भारत, रूस-यूक्रेन युद्ध को वित्तीय मदद दे रहा -ट्रंप प्रशासन
वाशिंगटन । डेस्क: अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक शीर्ष सहयोगी ने भारत पर रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन में रूस के युद्ध को वित्तीय सहायता देने का आरोप लगाया है. व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर ने रविवार (3 अगस्त 2025) को यह बयान दिया, जो ट्रंप प्रशासन की ओर से भारत के खिलाफ अब तक की सबसे कड़ी टिप्पणियों में से एक है.
मिलर ने फॉक्स न्यूज पर कहा, "लोगों को यह जानकर आश्चर्य होगा कि रूस से तेल खरीदने में भारत लगभग चीन के बराबर है. यह एक चौंकाने वाला तथ्य है."
उन्होंने आगे कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत का रूस से तेल खरीदकर इस युद्ध को वित्तपोषित करना स्वीकार्य नहीं है."
गौरलब है कि भारत सरकार के सूत्रों ने शनिवार को रॉयटर्स को बताया कि अमरीकी धमकियों के बावजूद नई दिल्ली मॉस्को से तेल खरीदना जारी रखेगी.
भारतीय दूतावास ने वाशिंगटन में इस मामले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की.
हाल ही में, भारत द्वारा रूस से सैन्य उपकरण और ऊर्जा खरीदने के जवाब में शुक्रवार को भारतीय उत्पादों पर 25% का शुल्क लागू किया गया.
ट्रंप ने यह भी धमकी दी है कि यदि रूस और यूक्रेन के बीच कोई बड़ा शांति समझौता नहीं होता, तो रूसी तेल खरीदने वाले देशों से अमरीकी आयात पर 100% शुल्क लगाया जायेगा.
मिलर ने अपनी आलोचना को संतुलित करते हुए कहा कि ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच "शानदार" संबंध हैं.