ट्रम्प प्रशासन का बदला रुख: ईरान डील खारिज, परमाणु ठिकाने निशाने पर
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और हमलों के दौर के बीच वाशिंगटन के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन ने अब ईरान के साथ किसी नए परमाणु समझौते की संभावनाओं को खारिज सा कर दिया है. अमेरिका का संकेत है कि कूटनीति के बजाय अब उसका ध्यान ईरान के परमाणु ढांचे और क्षमताओं को सीधे नष्ट करने पर केंद्रित रहेगा.
अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि अब ईरान के साथ कोई परमाणु डील शायद न हो. राइट के अनुसार, अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान की परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को पूरी तरह से समाप्त करना है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का मकसद ईरान के हथियार निर्माण और उनकी डिलीवरी प्रणाली की क्षमता को पंगु बनाना है.
गौरतलब है कि जुलाई में दोनों देशों के बीच समझौता टूटने के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री नाकेबंदी और जवाबी हमलों की स्थिति बनी हुई है.
हालांकि, ईरान हमेशा से यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण और नागरिक उद्देश्यों के लिए है. वहीं, अमेरिका का मानना है कि ईरान में नेतृत्व परिवर्तन के बिना किसी नई डील की संभावना बेहद कम है.