पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में कहीं नहीं होगा दोबारा मतदान
नई दिल्ली । डेस्क: निर्वाचन आयोग (EC) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए साफ कर दिया है कि 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के दौरान किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान की आवश्यकता नहीं है. आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, दोनों राज्यों में मतदान की प्रक्रिया काफी सुचारू और शांतिपूर्ण रही, जिसके चलते कहीं भी फिर से वोटिंग कराने की सिफारिश नहीं की गई है.
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ था. यहां कुल 44,376 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए, जहां मतदाताओं का उत्साह चरम पर दिखा और 92.6 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया.
आयोग ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय बलों और माइक्रो-ऑब्जर्वर्स की तैनाती के कारण मतदान की अखंडता बनी रही और ऐसी कोई बड़ी घटना या अनियमितता सामने नहीं आई जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो. राज्य की शेष 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होना है.
वहीं, तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान संपन्न हुआ. निर्वाचन आयोग ने पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और जमीनी स्तर से मिले फीडबैक की गहन समीक्षा के बाद निर्णय लिया कि राज्य में किसी भी बूथ पर पुनर्मतदान की जरूरत नहीं है.
आयोग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि कहीं भी वेबकास्टिंग में जानबूझकर बाधा डाली गई, तो वहां दोबारा मतदान कराया जाएगा, लेकिन ऐसी स्थिति कहीं उत्पन्न नहीं हुई.
पिछले चुनाव की तुलना में इस बार की व्यवस्था काफी कड़ी रही, जिससे मतदान बिना किसी तकनीकी या सुरक्षा संबंधी व्यवधान के संपन्न हुआ. चुनाव आयोग अब मतदान के अंतिम आंकड़ों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटा है.