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PoK में तनाव बरकरार: बाजार बंद, 20 की मौत

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09 जून 2026, 06:32 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

पीओके प्रदर्शन
पीओके प्रदर्शन

मुज़फ़्फ़राबाद । डेस्क: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में तनाव लगातार गहराता जा रहा है. ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के हड़ताल के आह्वान पर मंगलवार को पीओके के कई हिस्सों में दुकानें और बाजार पूरी तरह बंद रहे. सुरक्षा बलों के साथ हाल ही में हुई हिंसक झड़पों के बाद इलाके में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है, जिसमें अब तक 20 से अधिक लोगों की जान जाने की खबर है.


स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है. राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद की सड़कें सुनसान नजर आईं और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह ठप रहे. इस बीच, जेएएसी के लगभग 2,000 समर्थकों ने भिंबर से एक बड़े विरोध मार्च की शुरुआत की है, जो मीरपुर के रास्ते मुज़फ़्फ़राबाद की ओर बढ़ रहा है. वहीं, मीरपुर के कायदे-आजम स्टेडियम में भी सैकड़ों प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर एकत्र हुए.

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क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?


शुरुआत में जेएएसी का यह आंदोलन मुख्य रूप से सस्ती बिजली और आटे पर सब्सिडी जैसी बुनियादी मांगों को लेकर शुरू हुआ था. हालांकि, हालिया विवाद पीओके विधानसभा में 12 "शरणार्थी सीटों" को समाप्त करने की मांग पर केंद्रित हो गया है. 


कुल 53 सीटों वाली विधानसभा में ये 12 सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो 1947 के बाद पाकिस्तान में आकर बस गए थे. प्रदर्शनकारी समिति का आरोप है कि इस व्यवस्था के जरिए इस्लामाबाद स्थानीय चुनावी नतीजों को प्रभावित कर अपना राजनीतिक नियंत्रण बनाए रखता है.


प्रतिबंध और वकील का संगठन भी शामिल


क्षेत्र में अशांति तब और बढ़ गई जब प्रशासनिक अधिकारियों ने सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए जेएएसी पर प्रतिबंध लगा दिया. इसके विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान एक व्यापारी की मौत के बाद हिंसा का दौर शुरू हो गया. 


बीते दिनों रावलकोट में भी सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़पें देखने को मिलीं. वहीं, जेएएसी के वरिष्ठ सदस्य और वरिष्ठ वकील अमजद अली खान की गिरफ्तारी के विरोध में बार काउंसिल के आह्वान पर वकीलों ने अदालती कार्यवाही का बहिष्कार कर आंदोलन को अपना समर्थन दिया है.


सरकार का रुख और भारत की तीखी प्रतिक्रिया


हालात को बेकाबू होते देख प्रशासन ने जेएएसी के मुख्य नेताओं की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 1 करोड़ रुपये (10 मिलियन रुपये) के इनाम की घोषणा की है. दूसरी ओर, पीओके के प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर ने बातचीत की अपील करते हुए कहा है कि शरणार्थी सीटों जैसे संवेदनशील मुद्दों का समाधान टकराव के बजाय आपसी संवाद से निकाला जाना चाहिए.


इस पूरे घटनाक्रम पर भारत सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है. नई दिल्ली ने पीओके में स्थानीय नागरिकों के खिलाफ की जा रही "बर्बरता" और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर इस्लामाबाद की कड़ी आलोचना की है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह इस क्षेत्र में हो रहे मानवाधिकार हनन के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP