तेलंगाना पुलिस के सामने 3 वरिष्ठ माओवादी नेताओं का आत्मसमर्पण
हैदराबाद । डेस्क: प्रतिबंधित भाकपा-माओवादी (CPI-Maoist) के तीन वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार, 10 अक्टूबर को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. इन नेताओं ने दशकों तक भूमिगत जीवन बिताया.
आत्मसमर्पण करने वाले राज्य समिति सदस्यों (SCMs) में कुनकाती वेंकटैया (52), मोगिलीचेरला वेंकटराजू (45), और थोड़म गंगा (42) शामिल हैं. इनमें से वेंकटैया और वेंकटराजू तेलंगाना के निवासी हैं और 35 वर्षों से भूमिगत थे, जबकि गंगा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के रहने वाले हैं और 21 वर्षों से सक्रिय थे.
वे सभी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के तहत महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत थे.
डीजीपी बी शिवधर रेड्डी ने बताया कि स्वास्थ्य समस्याओं और संगठन के भीतर वैचारिक मतभेदों के कारण उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया. वेंकटैया ने कहा कि माओवादी संगठन में "बदलती सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक वास्तविकताओं" के अनुरूप बदलाव लाने पर कुछ समय से चर्चा चल रही थी.
डीजीपी ने आत्मसमर्पण करने वाले तीनों नेताओं को ₹20 लाख प्रत्येक का नकद इनाम डिमांड ड्राफ्ट के रूप में सौंपा. इसके अलावा, उन्हें तेलंगाना सरकार की पुनर्वास नीति के तहत अन्य सभी लाभ भी मिलेंगे.
डीजीपी रेड्डी ने इस घटना को तेलंगाना पुलिस द्वारा भाकपा-माओवादी के खिलाफ अपनाई गई समग्र नीति की नैतिक जीत बताया. उन्होंने दावा किया कि 2025 में अब तक 412 भूमिगत कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें एक केंद्रीय समिति सदस्य और चार राज्य समिति सदस्य शामिल हैं.
डीजीपी ने तेलंगाना मूल के सभी भूमिगत माओवादी कैडरों से अपील की कि वे मुख्यधारा में लौटकर राज्य के विकास में रचनात्मक भागीदारी करें, जिसके लिए सरकार पूर्ण पुनर्वास सहायता प्रदान करेगी.