ईरानी मीडिया: तेहरान का दबदबा, वॉशिंगटन ने मानीं शर्तें
तेहरान । डेस्क: ईरान के तेहरान टाइम्स की खबर है कि ईरान और अमेरिका के बीच बुधवार को हस्ताक्षरित एक ऐतिहासिक सहमति पत्र (MoU) ने मध्य पूर्व की भू-राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है. इसे पिछले दिनों ईरान के खिलाफ हुए अमेरिकी-इजरायली सैन्य अभियान के बाद तेहरान की एक बड़ी राजनीतिक और कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है.
28 फरवरी को ईरान की सैन्य क्षमता को नष्ट करने और वहां की सत्ता को अस्थिर करने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह व्यापक सैन्य हमला आखिरकार वॉशिंगटन के पीछे हटने के साथ समाप्त हुआ. अमेरिका को अब उन्हीं शर्तों पर समझौता करना पड़ा है, जिन्हें ईरान ने अपनी सैन्य दृढ़ता के बल पर तय किया है.
इस संघर्ष की शुरुआत में ही ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर शहीद हो गए थे. इस हमले का मुख्य मकसद ईरान की कमान श्रृंखला को तोड़ना था, लेकिन इसके विपरीत ईरान ने और अधिक मजबूती से वापसी की.
ईरान ने इजरायल और फारस की खाड़ी में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर एक साथ सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इस जवाबी कार्रवाई ने अमेरिकी और इजरायली विश्लेषकों को हैरान कर दिया, जो ईरान की सैन्य बुनियादी ढांचे के पूरी तरह ध्वस्त होने की उम्मीद कर रहे थे.
ईरानी हमलों ने बहरीन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित अमेरिकी प्रतिष्ठानों और रडार प्रणालियों को भारी नुकसान पहुंचाया. इसके साथ ही, ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण स्थापित कर वैश्विक जहाजरानी को बाधित कर दिया.
इस कदम से दुनिया भर में ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगीं और अमेरिका के भीतर मुद्रास्फीति बढ़ गई, जिसने वॉशिंगटन पर आर्थिक दबाव को अत्यधिक बढ़ा दिया. सैन्य मोर्चे पर विफलता के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को 8 अप्रैल को युद्धविराम के लिए सहमत होना पड़ा.
बुधवार को हस्ताक्षरित यह समझौता जमीनी हकीकत और नए शक्ति संतुलन को दर्शाता है. इसके तहत सभी सैन्य अभियानों को तुरंत रोकने का प्रावधान है, जिसमें लेबनान भी शामिल है, जहां इजरायल द्वारा संघर्षविराम का उल्लंघन किया जा रहा है.
समझौते के अनुसार, अमेरिका ईरान पर से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए फिर से खोला जाएगा, जिसकी निगरानी ईरान और ओमान मिलकर करेंगे.
इसके अतिरिक्त, एक 60 दिवसीय समीक्षा अवधि शुरू की गई है, जिसमें प्रतिबंधों को हटाने, ईरानी संपत्तियों को बहाल करने और ईरान के पुनर्निवेश के लिए 300 अरब डॉलर की योजना पर काम किया जाएगा.
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इसे एक ऐतिहासिक दस्तावेज बताया है जो ईरान की संप्रभुता और ताकत को स्वीकार करता है. वहीं, अमेरिकी और इजरायली मीडिया ने भी इसे एक बड़ी रणनीतिक विफलता और सुरक्षा तंत्र का ढहना माना है.
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका ने समझौते की शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं किया, तो उसे एक बार फिर भारी आर्थिक और सैन्य नुकसान उठाने के लिए तैयार रहना होगा.