TATA, JSW और SAIL पर दाम बढ़ाने के लिए 'सांठगांठ' का आरोप
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने स्टील कंपनियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा-रोधी नियमों के उल्लंघन के पुख्ता सबूत इकठ्ठा कर लिये हैं. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सेल (SAIL) सहित 25 से अधिक प्रमुख इस्पात उत्पादकों के खिलाफ कीमतों के निर्धारण में अवैध मिलीभगत के आरोपों की जांच पूरी कर ली है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जांच में इन कंपनियों के खिलाफ 'विश्वासघात' और प्रतिस्पर्धा-रोधी नियमों के उल्लंघन के पुख्ता सबूत मिले हैं.
आरोप है कि इन दिग्गज कंपनियों ने साल 2015 से 2023 के बीच एक सुनियोजित साजिश के तहत बाजार में स्टील के उत्पादन और आपूर्ति को जानबूझकर कम किया, ताकि कृत्रिम मांग पैदा कर कीमतों को बढ़ाया जा सके.
यह मामला भारतीय इस्पात उद्योग के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा 'एंटीट्रस्ट' (अविश्वास) मामला माना जा रहा है.
जांच रिपोर्ट में जेएसडब्ल्यू के सज्जन जिंदल, टाटा स्टील के सीईओ टीवी नरेंद्रन और सेल के चार पूर्व अध्यक्षों सहित कुल 56 शीर्ष अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया गया है.
सीसीआई ने अपनी रिपोर्ट 6 अक्टूबर को ही सौंप दी थी, जिसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है.
वर्तमान में संबंधित कंपनियों और व्यक्तियों को अपना अंतिम पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा, जिसके बाद अंतिम फैसला और भारी जुर्माने की घोषणा हो सकती है.
इस खुलासे के बाद से न केवल कॉर्पोरेट जगत में हड़कंप मचा है, बल्कि इस्पात बाजार में कीमतों के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता पैदा हो गई है.