19 साल बाद कोलकाता लौटेंगी तसलीमा नसरीन
कोलकाता । डेस्क: लंबे समय से निर्वासन का जीवन जी रहीं बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन 19 साल बाद एक बार फिर कोलकाता के मंच पर दिखाई देंगी. तसलीमा नसरीन आगामी 1 अगस्त को कोलकाता के रवींद्र सदन में धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ आयोजित एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी.
इस कार्यक्रम का आयोजन सेक्युलर मिशन एंड ह्यूमन राइट्स और बांग्लादेश फ्रीडम फाइटर्स फाउंडेशन (HRBFF) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है, जिन्होंने लेखिका को 'धार्मिक कट्टरपंथ के खिलाफ प्रतिरोध का एक उग्र प्रतीक' बताया है.
आयोजकों के मुताबिक, इस कार्यक्रम में तसलीमा नसरीन की सुरक्षा को लेकर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से पुख्ता आश्वासन मिला है. 1 अगस्त को होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में खुद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और राज्य के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता भी मंच पर मौजूद रहेंगे.
इसके अगले दिन लेखिका शहर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित कर सकती हैं. पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन और भाजपा सरकार के आने के बाद तसलीमा नसरीन के लिए कोलकाता के रास्ते दोबारा खुले हैं.
तसलीमा नसरीन को साल 2007 में भारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक विवादों के बाद बेहद तनावपूर्ण परिस्थितियों में कोलकाता छोड़ना पड़ा था. महिला अधिकारों और धर्म पर अपनी बेबाक टिप्पणियों के कारण 1994 से बांग्लादेश से निर्वासित तसलीमा को साल 2004 में भारत सरकार से निवास परमिट मिला था, जिसके बाद उन्होंने कोलकाता को अपना घर बना लिया था.
हालांकि, साल 2007 में उनके खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार के कार्यकाल के दौरान उन्हें शहर से बाहर भेज दिया गया था, और तब से वह दिल्ली में रह रही थीं. अब करीब दो दशकों के बाद उनकी यह वापसी कोलकाता के सांस्कृतिक और राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा को जन्म दे रही है.