वैश्विक व्यापार पर संरक्षणवादी टैरिफ का दबाव बढ़ा- WTO
नई दिल्ली । डेस्क: विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) ने मंगलवार को अपनी ताजा रिपोर्ट में चिंता जताई कि 2024 के मध्य अक्टूबर से 2025 तक लगाए गए टैरिफ और अन्य व्यापार प्रतिबंधों ने दुनिया भर के 2,640 अरब डॉलर के आयात को प्रभावित किया है. यह कुल वैश्विक आयात का 11.1 फीसदी हिस्सा है, जो पिछली अवधि के 611 अरब डॉलर से चार गुना ज्यादा है.
वहीं, निर्यात पर लगे ऐसे प्रतिबंधों को जोड़ें तो कुल प्रभावित व्यापार 2,966 अरब डॉलर का हो गया, जो पहले की 888 अरब डॉलर से तीन गुना अधिक है.
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इस साल शुरुआत में ज्यादातर व्यापारिक साझेदार देशों पर 10 से 41 फीसदी तक के टैरिफ ठोके. खासकर भारत पर ये टैरिफ अगस्त में दोगुने होकर 50 फीसदी पहुंच गए, क्योंकि भारत ने रूस से ऊर्जा खरीदी.
डब्ल्यूटीओ के महानिदेशक न्गोजी ओकोन्जो-इवेला ने कहा, "इस साल से बढ़ते संरक्षणवाद ने व्यापार पर गहरा असर डाला है. अब दुनिया के 19.7 फीसदी आयात 2009 से लगाए गए टैरिफों से प्रभावित हैं, जो एक साल पहले सिर्फ 12.6 फीसदी था."
हालांकि, सकारात्मक खबर यह है कि इसी अवधि में डब्ल्यूटीओ सदस्य देशों ने 331 नए व्यापार सुविधा कदम उठाए, जो 2,090 अरब डॉलर के व्यापार को आसान बनाते हैं.
यह पिछली रिपोर्ट के 1,441 अरब डॉलर से 1.5 गुना ज्यादा है. संगठन ने सदस्य देशों से अपील की है कि मौजूदा व्यापार उथल-पुथल का फायदा उठाकर डब्ल्यूटीओ में लंबे समय से लंबित सुधारों को आगे बढ़ाएं.
डब्ल्यूटीओ का अनुमान है कि 2025 में वैश्विक वस्तु व्यापार में 2.4 फीसदी की वृद्धि होगी, लेकिन 2026 में यह गिरकर महज 0.5 फीसदी रह जाएगी. पहले छमाही में अपेक्षा से ज्यादा विकास आयात की होड़, एआई उत्पादों की मांग और विकासशील देशों के मजबूत व्यापार से संभव होगा. (Symbolic Photo)