ट्रम्प टैरिफ से TN में लाखों नौकरी खतरे में- स्टालिन
चेन्नई । डेस्क: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने चेतावनी दी है कि अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ाने की धमकी से राज्य में लाखों नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर संभावित 50% टैरिफ की बात कही है, जिसका असर तमिलनाडु के टेक्सटाइल, चमड़ा, ऑटोमोबाइल, मशीनरी और अन्य क्षेत्रों पर पड़ सकता है.
मुख्यमंत्री स्टालिन ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर लिखा, "अमेरिकी टैरिफ 25% से बढ़कर संभावित 50% तक पहुंच सकता है, जिससे तमिलनाडु अन्य राज्यों की तुलना में अधिक प्रभावित होगा, क्योंकि हमारा निर्यात अमेरिकी बाजार पर बहुत अधिक निर्भर है. टेक्सटाइल, चमड़ा, ऑटो, मशीनरी और अन्य क्षेत्रों में लाखों नौकरियां दांव पर हैं."
उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है. स्टालिन ने सुझाव दिया कि मैन-मेड फाइबर पर जीएसटी को 5% तक कम किया जाए, कपास आयात पर शुल्क हटाया जाए, कम ब्याज वाले ऋण और छूट अवधि प्रदान की जाए, साथ ही निर्यात प्रोत्साहन और क्रेडिट को बढ़ाया जाए.
उन्होंने कहा, "तमिलनाडु इस व्यापार संकट को दूर करने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करेगा."
ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "रूस ने भारत जैसे तेल खरीदार को खो दिया है, जो लगभग 40% तेल खरीद रहा था. अगर मुझे सेकेंडरी टैरिफ लगाना पड़ा, तो यह उनके लिए बहुत विनाशकारी होगा. अगर करना पड़ा तो मैं करूंगा, शायद मुझे ऐसा न करना पड़े."
उन्होंने यह भी कहा कि चीन जैसे अन्य देशों पर तत्काल जवाबी टैरिफ की जरूरत नहीं है, लेकिन "दो या तीन हफ्तों में" इस पर विचार किया जा सकता है.
हालांकि, वैश्विक डेटा और एनालिटिक्स प्रदाता केपलर के अनुसार, अगस्त के पहले हाफ में भारत ने प्रतिदिन अनुमानित 5.2 मिलियन बैरल कच्चे तेल का आयात किया, जिसमें से 38% रूस से था.
इस बीच, एक अखबार ने बताया कि पश्चिम बंगाल में साइकिल निर्माता, चाय उद्योग और रत्न-आभूषण क्षेत्र जैसे कई क्षेत्र भी इस टैरिफ धमकी से प्रभावित हो सकते हैं.
सूरत, भारत का हीरा केंद्र, भी लाखों नौकरियों के नुकसान का सामना कर सकता है.