तमिलनाडु: SIR के खिलाफ 2 नवंबर को सर्वदलीय बैठक
चेन्नई । डेस्क: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने चुनावी रोल के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision - SIR) को लेकर मोदी सरकार पर अपना हमला तेज़ कर दिया है. बुधवार को तेनकासी में एक आधिकारिक कार्यक्रम में बोलते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट का अधिकार लोकतंत्र का आधार है और उनकी DMK सरकार मतदाताओं को वंचित करने के प्रयासों को विफल करके इसे बचाएगी.
स्टालिन ने आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा, बिहार की तरह ही तमिलनाडु में भी SIR के बहाने लाखों मतदाताओं को हटाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि "सभी जानते हैं कि बिहार में SIR की आड़ में क्या हुआ, जहाँ लाखों मतदाताओं को मतदाता सूची से हटा दिया गया था. भाजपा वही तमिलनाडु में दोहराने की कोशिश कर रही है."
उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्य केरल भी इस कवायद के खिलाफ लड़ाई में शामिल हो गया है.
इस लड़ाई को समावेशी और एकजुट बनाने के लिए, मुख्यमंत्री ने SIR को रोकने के लिए आगे की कार्रवाई तय करने के लिए 2 नवंबर को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है.
उन्होंने कहा कि "राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए, लोकतंत्र की रक्षा और तमिलनाडु के लोगों के मतदान अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए सभी दलों को बैठक में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है."
केंद्र पर आपदा राहत निधि रोकने का आरोप
मुख्यमंत्री स्टालिन ने केंद्र सरकार पर आपदा से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढाँचे को बहाल करने के लिए राज्य को ₹37,000 करोड़ का आपदा राहत कोष जारी नहीं करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने सवाल किया, "यह अब तक जारी क्यों नहीं किया गया? क्योंकि अगर यह जारी होता है, तो तमिलनाडु और विकसित हो जाएगा. लेकिन केंद्र ऐसा नहीं चाहता." उन्होंने कहा, "चाहे वह प्राकृतिक आपदा हो या कृत्रिम राजनीतिक साजिश, हमारा कर्तव्य और जिम्मेदारी लोगों की रक्षा करना है."