टी20 वर्ल्ड कप: दांव पर लगे अरबों रुपये और ICC की साख
नई दिल्ली । डेस्क: पाकिस्तान की पुरुष क्रिकेट टीम ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ अपने सबसे हाई-प्रोफाइल मुकाबले का बहिष्कार करने का सनसनीखेज फैसला लिया है. यह फैसला किसी खेल रणनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और कूटनीतिक विरोध है.
दरअसल, बांग्लादेश की टीम ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत की यात्रा करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उन्हें टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.
अब पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में खड़े होते हुए भारत के खिलाफ मैदान पर न उतरने की कसम खाई है. इस एक फैसले ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) की रातों की नींद उड़ा दी है, क्योंकि भारत और पाकिस्तान का मैच किसी भी टूर्नामेंट की रीढ़ की हड्डी होता है.
ICC ने इस मामले पर अत्यंत सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को खुली चेतावनी दी है कि इस बगावत के नतीजे "भयानक और दीर्घकालिक" होंगे. वैश्विक संस्था ने साफ कर दिया है कि इस बहिष्कार से न केवल पाकिस्तान का क्रिकेट तबाह हो सकता है, बल्कि पूरी दुनिया के क्रिकेट ढांचे पर इसका विनाशकारी असर पड़ेगा.
हालांकि, पाकिस्तान पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा है. जानकारों का कहना है कि यह पूरा विवाद आईपीएल के दौरान भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के एक सख्त कदम से शुरू हुआ, जिसमें बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के उस बयान ने ऐसी आग सुलगाई कि अब वह वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच को जलाने पर आमादा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर 15 फरवरी को होने वाला यह महा-मुकाबला रद्द होता है, तो ICC को अरबों रुपये का चूना लगेगा. प्रसारण अधिकारों (Media Rights) से होने वाली कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा इसी एक मैच से आता है. यदि मैच नहीं होता, तो प्रायोजक अपने हाथ खींच लेंगे, जिसका सीधा असर उन छोटे देशों के बजट पर पड़ेगा जो ICC की फंडिंग पर जिंदा हैं.
कानूनी तौर पर, पीसीबी 'फोर्स मेज्योर' क्लॉज का सहारा लेने की कोशिश कर रहा है, जिसके तहत सरकार के आदेश पर टीम का पीछे हटना जायज ठहराया जा सकता है. लेकिन ICC के पास पाकिस्तान की सदस्यता रद्द करने और भारी वित्तीय जुर्माना लगाने जैसी असीमित शक्तियां हैं.
खेल जगत के इतिहास में 1996 और 2003 के विश्व कप में भी बहिष्कार देखे गए थे, लेकिन भारत-पाकिस्तान मैच का वजन इतना ज्यादा है कि यह पूरी खेल बिरादरी को दो हिस्सों में बांट सकता है. अब गेंद ICC के पाले में है, और अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो क्रिकेट के भविष्य पर लगा यह दाग कभी नहीं धुलेगा.