SC ने सिद्धार्थ वरदराजन के खिलाफ असम पुलिस को कठोर कार्रवाई से रोका
नई दिल्ली । डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को असम पुलिस को वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ वरदराजन और वेब पोर्टल "द वायर" से जुड़े अन्य पत्रकारों, जिसमें एक परामर्शदाता संपादक भी शामिल हैं, के खिलाफ एक समाचार लेख से संबंधित दर्ज एफआईआर के मामले में कोई कठोर कार्रवाई करने से रोक दिया है.
जस्टिस सूर्य कांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह आदेश वरिष्ठ अधिवक्ता नित्या रामकृष्णन द्वारा पत्रकारों की ओर से पेश होने के बाद पारित किया, जिन्होंने कहा कि असम पुलिस अदालत के पहले के आदेशों को दरकिनार कर रही है.
रामकृष्णन ने बताया कि वरदराजन और अन्य पत्रकारों को मई में दर्ज एक पुरानी एफआईआर के सिलसिले में बयान दर्ज करने के लिए शुक्रवार को बुलाया गया था, और आशंका है कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है.
पीठ ने पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान करते हुए कहा कि सभी को कानून का पालन करना चाहिए और पत्रकारों को जांच में शामिल होने तथा अगली सुनवाई की तारीख पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा.
इससे पहले, 12 अगस्त को शीर्ष अदालत ने वरदराजन को सुरक्षा दी थी और असम पुलिस को ऑपरेशन सिंदूर पर एक लेख के संबंध में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में कोई कठोर कार्रवाई करने से रोक दिया था.