रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को लगाई फटकार

C

CG Khabar

25 मार्च 2026, 03:38 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

ममता बनर्जी
ममता बनर्जी

नई दिल्ली । डेस्क: उच्चतम न्यायालय की दो अलग-अलग पीठों ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार के कामकाज और कानूनी रुख पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची की पीठ ने राज्य में मतदाता सूची (SIR) प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने की शिकायतों पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी की कि पश्चिम बंगाल को छोड़कर देश के अन्य सभी राज्यों में यह प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई है. 


अदालत ने स्पष्ट किया कि SIR से जुड़े मुकदमे केवल बंगाल से ही सामने आ रहे हैं, जबकि अन्य राज्यों में ऐसी स्थिति नहीं है. इस दौरान निर्वाचन आयोग ने अदालत को सूचित किया कि पूरक मतदाता सूची के दैनिक प्रकाशन का प्रस्ताव पहले ही कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को सौंपा जा चुका है.

विज्ञापन


दूसरी ओर, न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने 8 जनवरी को कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के दौरान हुई बाधा और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कथित भूमिका पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया. 


अदालत ने राज्य सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ED को मामले की जानकारी राज्य पुलिस को देनी चाहिए थी. 


न्यायमूर्ति मिश्रा ने तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि यदि मुख्यमंत्री स्वयं जांच में बाधा डालती हैं, तो क्या ED को उन्हीं की सरकार से न्याय की उम्मीद करनी चाहिए? 


अदालत ने स्पष्ट किया कि PMLA के तहत जांच और जांच अधिकारियों पर हमला दो अलग-अलग अपराध हैं. कोर्ट ने राज्य सरकार को सचेत किया कि वह केवल ED की शक्तियों पर बहस न करे, बल्कि उन व्यक्तिगत अधिकारियों के मौलिक अधिकारों पर भी ध्यान दे, जिनके साथ मारपीट और डराने-धमकाने की घटनाएं हुई हैं.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP