SC: छत्तीसगढ़ के कोर्ट कर्मचारी को LLB की परीक्षा में बैठने की मिली अनुमति
नई दिल्ली । डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए छत्तीसगढ़ जिला अदालत के एक कर्मचारी को बड़ी राहत दी है. अदालत ने कर्मचारी को एलएलबी तृतीय वर्ष की परीक्षा में नियमित छात्र के रूप में शामिल होने की अनुमति दे दी है.
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह फैसला छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनाया, जिसमें कर्मचारी को सर्विस रूल्स का हवाला देते हुए परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया था.
मामला एक सहायक ग्रेड-III कर्मचारी से जुड़ा है, जिसकी नियुक्ति सितंबर 2022 में तीन साल की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि पर हुई थी.
कर्मचारी ने पहले और दूसरे वर्ष की पढ़ाई के लिए विभाग से अनुमति ली थी, लेकिन 2023 में लागू हुए नए सेवा नियमों (Rule 11) के कारण उसे तीसरे वर्ष की परीक्षा के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था.
नए नियमों के तहत नियमित छात्र के रूप में पढ़ाई पर रोक है. सुप्रीम कोर्ट ने अब हस्तक्षेप करते हुए कर्मचारी को शेष पेपरों में बैठने की अनुमति दी है और छूटे हुए पेपर के संबंध में बाद में आदेश पारित करने की बात कही है.