वकीलों को समन: SC ने ED को फटकारा, SP की मंजूरी ज़रूरी
नई दिल्ली । डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों को तलब करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय को एक बार फिर कटघरे में खड़ा किया है. केंद्रीय जाँच एजेंसी द्वारा मनमाने ढंग से वकीलों को समन भेजने पर शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया है.
प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि आपराधिक मामलों की जाँच में ईडी की टीम संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) की मंजूरी के बिना वकीलों को तलब नहीं कर सकेगी.
दोनों न्यायाधीशों की पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा, "अत्यंत दुर्लभ अपवादों को छोड़कर, कोई भी जाँच एजेंसी या पुलिस किसी मामले के विवरण प्राप्त करने के लिए आरोपी के वकील को सीधे तलब नहीं कर सकती है."
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान लिए गए एक मामले में आया है, जहाँ ईडी ने दो वरिष्ठ वकीलों को केवल उनके मुवक्किलों को पेशेवर सलाह देने के लिए समन भेजा था.
ईडी द्वारा जारी समन को रद्द करते हुए, मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने 78 पन्नों के अपने फैसले में कहा कि यदि जाँच एजेंसी या पुलिस द्वारा भेजे गए समन में 'तलब का कारण' विशेष रूप से नहीं बताया गया है, तो संबंधित वकील भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत उसे चुनौती दे सकता है.
गौरतलब है कि इससे पहले भी, शीर्ष अदालत ने इसी साल मई में 'बिना किसी लिंक के किसी पर आरोप लगाने' और पिछले साल नवंबर में 'लंबित मामलों में जाँच की गति' को लेकर ईडी की खिंचाई की थी.