ब्रिक्स सम्मेलन में शी जिनपिंग की तबीयत बिगड़ने की अटकलें
नई दिल्ली । डेस्क: नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान एक अनपेक्षित वाकये ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक गलियारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अपने भाषण को अचानक रोककर पीछे देखने और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ आए अनुवादक से "क्या सब ठीक है?" पूछने के बाद से ही चीनी शीर्ष नेता के स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं.
उद्घाटन सत्र में अनपेक्षित मोड़
शनिवार को शिखर सम्मेलन के दौरान जब प्रधानमंत्री मोदी अपना संबोधन दे रहे थे, तभी उन्होंने अचानक अपना भाषण रोक दिया. दूरदर्शन द्वारा जारी किए गए फुटेज में साफ देखा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने चिंतित भाव से अनुवादक से दो बार पूछा कि स्थिति सामान्य है या नहीं. इसके कुछ सेकंड बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सिर हिलाकर संकेत दिया, जिसके पश्चात प्रधानमंत्री मोदी ने अपना भाषण पुनः शुरू किया. यद्यपि शुरुआती स्तर पर इसे माइक या अनुवाद प्रणाली से जुड़ी तकनीकी समस्या माना जा रहा था, लेकिन इस घटना ने वहां मौजूद प्रतिनिधियों और पत्रकारों को संशय में डाल दिया.
शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज से दूरी और आधिकारिक मौन
घटना के बाद जब शी जिनपिंग सम्मेलन के आधिकारिक रात्रिभोज में शामिल नहीं हुए, तो स्वास्थ्य संबंधी अटकलों को और बल मिला. इस रात्रिभोज में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित ब्रिक्स देशों के अन्य तमाम प्रमुख नेता मौजूद थे. हालांकि, न तो भारत और न ही चीन की ओर से शी जिनपिंग की डिनर में गैरमौजूदगी को लेकर कोई औपचारिक मेडिकल बयान जारी किया गया. मीडिया रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से यह कहा गया कि व्यस्त दिनचर्या के कारण थकावट महसूस होने पर चीनी राष्ट्रपति आराम करने के लिए सीधे अपने होटल लौट गए थे.
सोशल मीडिया और टिप्पणीकारों के दावे
आधिकारिक पुष्टि के अभाव के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों और चीन विरोधी कार्यकर्ताओं ने कई गंभीर दावे पेश करना शुरू कर दिया. लेखक और चीन मामलों के विशेषज्ञ गॉर्डन जी. चांग ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि चीनी राष्ट्रपति अस्वस्थ हैं और इस बार चीन उनकी स्थिति को छुपाने में नाकाम रहा है. वहीं, चीन की आलोचक जेनिफर जेंग ने दावा किया कि शी जिनपिंग मस्तिष्क से जुड़ी एक गंभीर स्थिति 'सेरेबेलर एट्रोफी' से जूझ रहे हैं, जिसका इलाज बेहद जटिल होता है.
सैन्य अस्पताल और विशेष विमान की चर्चाएं
सबसे चौंकाने वाले दावे चाइना डेमोक्रेसी पार्टी के अध्यक्ष वानजुन शिए की ओर से आए. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट की एक श्रृंखला में दावा किया कि शी जिनपिंग ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान बेहोश हो गए थे. उन्होंने लिखा कि भारतीय अस्पताल में इलाज कराने के बजाय उनकी मेडिकल टीम उन्हें विशेष विमान से बीजिंग वापस ले गई, जहां उन्हें सीधे 301 मिलिट्री अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया. शिए ने यह भी दावा किया कि उन्हें गंभीर 'इस्केमिक स्ट्रोक' आया था और समय पर सर्जरी न होने के कारण स्थिति नाजुक बनी हुई है. हालांकि, इन सभी दावों की पुष्टि के लिए कोई स्वतंत्र या विश्वसनीय प्रमाण सामने नहीं आया है.
कूटनीतिक संदर्भ और सम्मेलन की उपलब्धियां
वर्ष 2020 के सीमा विवाद के बाद शी जिनपिंग की यह सात वर्षों में पहली भारत यात्रा थी. अस्वस्थता की इन तमाम अटकलों के बीच, शी जिनपिंग ने शिखर सम्मेलन के मुख्य सत्रों और प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता में सक्रिय रूप से भाग लिया. उन्होंने अपने संबोधन में पश्चिम एशिया संघर्ष को सुलझाने पर जोर दिया और घोषणा की कि चीन अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा तथा 19वें ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी करेगा.
फिलहाल, चीनी अधिकारियों की चुप्पी और स्वतंत्र साक्ष्यों की कमी के कारण ये तमाम दावे केवल अटकलों तक ही सीमित हैं, लेकिन ब्रिक्स जैसे बड़े मंच पर घटे इस घटनाक्रम ने वैश्विक कूटनीति में एक नया विचारणीय विषय अवश्य खड़ा कर दिया है.