सोशल मीडिया की लत: मेटा और गूगल दोषी, $6 मिलियन जुर्माना
नई दिल्ली । डेस्क: लॉस एंजिल्स की एक ज्यूरी ने एक ऐतिहासिक फैसले में सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) और गूगल (Google) को अपने प्लेटफॉर्म के हानिकारक डिजाइन के माध्यम से युवाओं को असुरक्षित बनाने और उन्हें लत लगाने का दोषी पाया है.
इस 'बेलवेदर' (प्रायोगिक) मामले में ज्यूरी ने मेटा पर 4.2 मिलियन डॉलर और गूगल पर 1.8 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है.
यह मामला 'कैली' नाम की एक युवती द्वारा दायर किया गया था, जिसने आरोप लगाया था कि इंस्टाग्राम और यूट्यूब के 'इनफिनिट स्क्रॉल' जैसे फीचर्स ने उसे बचपन में ही इन ऐप्स का आदी बना दिया, जिससे उसका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ.
ज्यूरी ने माना कि दोनों कंपनियाँ अपने ऐप्स को सुरक्षित बनाने में विफल रहीं और उन्होंने इसके खतरों के बारे में उपयोगकर्ताओं को चेतावनी नहीं दी.
हालांकि तकनीकी रूप से अमेरिकी कानून कंपनियों को प्लेटफॉर्म पर मौजूद कंटेंट के लिए सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन यहाँ फोकस 'कंटेंट' के बजाय 'प्लेटफॉर्म डिजाइन' पर था.
इस मुकदमे के दौरान मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग सहित कई अधिकारियों को गवाही देनी पड़ी.
जहाँ एक ओर कंपनियों ने दलीलों में वादी के पारिवारिक जीवन को उसकी समस्याओं का कारण बताया, वहीं ज्यूरी ने आंतरिक दस्तावेजों के आधार पर पाया कि कंपनियों ने लाभ को सुरक्षा से ऊपर रखा.
यह फैसला भविष्य में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लंबित हजारों अन्य मुकदमों के लिए एक मिसाल बन सकता है, जिससे कंपनियों को अपने डिजाइन में कड़े सुरक्षा उपाय करने पड़ सकते हैं.