कोरबा में एक साथ उठी 6 अर्थियां,
छत्तीसगढ़ के कोरबा में एक साथ उठी 6 अर्थियां, चीख उठी कलमीडुग्गी की धरती
कोरबा | संवाददाताः कलमीडुग्गी गांव में मंगलवार को एक साथ 6 अर्थियां उठते ही पहले से ही मातम में डूबे गांव में लगा कि दुःख का सोटा फूट गया हो.
चीख, चित्कार, रुदन करती महिलाओं का अंतर्नाद एक ऐसा भयावह दृश्य जो वहां उपस्थित हर व्यक्ति की आंखों में आंसू लाने के साथ ही अंदर तक झकझोर रहा था.
इस गांव ने पहली बार एक साथ 6 अर्थियों को कंधा दिया. इस गांव ने पहली बार 6 लोगों का एक साथ अंतिम संस्कार किया.
इस दुःख में जो भी शामिल होने पहुंचा वह भी दुःख से भर गया.
मृतकों के परिवार वाले जब से खबर सुने थे तभी से उनका रो-रोकर बुरा हाल है.
प्रयागराज महाकुंभ स्नान के लिए जाते समय कोरबा के 10 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई थी.
हादसे के 2 दिन बाद आज मृतकों के शवों को कोरबा लाया गया.
यहां से 6 शवों को कलमीजुग्गु भेजा गया, वहीं तीन शवों को उनके गृहग्राम जांजगीर-चंपा और मस्तूरी ले जाया गया.
जबकि एक शव का अंतिम संस्कार पहले ही प्रगतिनगर के नदियाखार में कर दिया गया.
कुलमीजुग्गु गांव में आज सुबह जैसे ही 6 शव पहुंचे परिजन बिलख पड़े. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया.
इसके बाद गांव में अंतिम यात्रा निकली और 6 शवों का कलमीडुग्गु गांव में अंतिम संस्कार किया गया.
इससे पहले श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन मृतकों के परिजनों से मुलाकात की.
उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक लाख की सहायता राशि देने की बात कही.
नवनिर्वाचित महापौर संजू देवी राजपूत भी मृतकों के परिजनों से मिलने पहुंची थी.