SIR एक "सुनियोजित राजनीतिक साजिश" है- ममता बनर्जी
कूचबिहार । डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को चुनाव आयोग (EC) पर राज्य में 2026 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया के जरिए एक करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने और कानूनी चुनौती से बचने के लिए तुरंत चुनाव घोषित करने का "षड्यंत्र" रचने का गंभीर आरोप लगाया.
कूचबिहार में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बनर्जी ने दावा किया कि SIR एक "सुनियोजित राजनीतिक साजिश" है, जिसका उद्देश्य "नाम हटाना, वोट बांटना और नागरिकों को डराना" है.
उन्होंने आरोप लगाया कि EC फरवरी में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होते ही चुनाव की घोषणा कर देगा, ताकि किसी को अदालत जाने का समय न मिले. उन्होंने कहा, "वे अंतिम सूची प्रकाशित करेंगे और अगले ही दिन चुनाव घोषित कर देंगे. यही उनकी योजना है."
मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि SIR को जानबूझकर चुनाव से पहले लाया गया है, जिससे अल्पसंख्यक, प्रवासी मजदूर और विवाहित महिलाएं सबसे ज्यादा डर रही हैं. उन्होंने पूछा, "जीवन भर भारतीय नागरिक के रूप में रहने के बाद, अब हमसे फिर से अपनी नागरिकता साबित करने को कहा जा रहा है. इससे अधिक अपमानजनक क्या हो सकता है?"
बनर्जी ने भाजपा को चेतावनी दी कि अगर वह राज्य में सत्ता में आई, तो "बंगाल नष्ट हो जाएगा" और राज्य की पहचान, भाषा और सम्मान मिट जाएगा. उन्होंने कहा, "वे बंगाल को एक डिटेंशन कैंप में बदलना चाहते हैं. लेकिन यहां ऐसे किसी भी कैंप की अनुमति नहीं दी जाएगी."
उन्होंने मतदाताओं से अपने नाम सूची में शामिल कराना सुनिश्चित करने का आग्रह किया और पार्टी कार्यकर्ताओं को हर चरण में सहायता करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को राज्य सरकार ने ₹2 लाख का अनुग्रह राशि प्रदान की है.
बनर्जी ने केंद्र पर फंड रोकने और जरूरत न होने पर भी केंद्रीय बलों की तैनाती का खर्च राज्य पर डालने का आरोप लगाया. उन्होंने बीएसएफ को चुनौती देते हुए कहा, "बीएसएफ से मत डरो. अगर वे आपको परेशान करते हैं, तो महिलाओं को आगे करो."
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि राष्ट्रपति शासन लगाने के किसी भी प्रयास का कड़ा विरोध किया जाएगा, क्योंकि यह एक "जाल" था जिसका इस्तेमाल SIR प्रक्रिया रोके जाने पर किया जाता.