छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों में SIR, 4 नवंबर से
नई दिल्ली । डेस्क: छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों में SIR 4 नवंबर से शुरू होगा. इस विशाल कवायद में लगभग 51 करोड़ मतदाता शामिल होंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार 27 अक्टूबर, 2025 को घोषणा की कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का दूसरा चरण शुरू करने जा रहा है.
CEC ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इस गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में कोई भी योग्य मतदाता छूट न जाए और कोई भी अयोग्य नाम गलती से शामिल न हो.
पुनरीक्षण का कार्यक्रम
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत: 4 नवंबर
प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन: 9 दिसंबर
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 7 फरवरी
एसआईआर में शामिल राज्य/केंद्रशासित प्रदेश
विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए चुने गए 12 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश हैं: छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुदुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, और पश्चिम बंगाल. इनमें से केरल, तमिलनाडु, पुदुचेरी और पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं.
असम के लिए अलग व्यवस्था
CEC कुमार ने स्पष्ट किया कि असम के लिए पुनरीक्षण आदेश अलग से जारी किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि असम में नागरिकता अधिनियम के तहत विशेष प्रावधान लागू होते हैं, और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में नागरिकता सत्यापन का कार्य लगभग पूरा होने वाला है. इसलिए, असम के लिए SIR की तारीखें और आदेश अलग से घोषित किए जाएंगे.
संवैधानिक कर्तव्य पर जोर
पश्चिम बंगाल सरकार के साथ संभावित गतिरोध के सवाल पर, CEC ने किसी भी तरह के टकराव से इनकार किया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग SIR आयोजित करके अपना संवैधानिक कर्तव्य पूरा कर रहा है, और राज्य सरकारें भी आवश्यक कर्मियों को उपलब्ध कराकर अपना संवैधानिक कर्तव्य निभाएँगी. उन्होंने कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों के कारण केरल में एसआईआर को टालने की मांग पर विचार नहीं किया जा सकता, क्योंकि अभी तक स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना जारी नहीं हुई है.
इससे पहले, SIR का पहला चरण बिहार में संपन्न हुआ, जहाँ 7.42 करोड़ मतदाताओं की अंतिम सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई थी.
आवश्यक दस्तावेज़ों की सूची
ECI ने प्रारूप मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए जो आवश्यक (संकेतक, संपूर्ण नहीं) दस्तावेज़ों की सूची प्रकाशित की है, वह निम्नलिखित है:
1-कोई भी पहचान पत्र, केंद्र सरकार/राज्य सरकार/पीएसयू के नियमित कर्मचारी/पेंशनर को जारी पेंशन भुगतान आदेश.
2-भारत सरकार/बैंकों/स्थानीय अधिकारियों/पीसीयू द्वारा जारी कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र/दस्तावेज़.
3-सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र.
4-पासपोर्ट.
5-मान्यता प्राप्त बोर्डों/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र.
6-राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवासी प्रमाण पत्र.
7-वन अधिकार प्रमाण पत्र.
8-ओबीसी/एसटी/एससी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र.
9-राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ भी यह मौजूद है).
10-राज्य/स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर.
11-सरकार द्वारा कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र.
12-आधार के लिए, आयोग के पत्र संख्या 23/2025-ईआरएस/वॉल्यूम.II दिनांक 9.09.2025 में जारी निर्देश लागू होंगे.