गाजा के समर्थन में ‘Silence for Gaza’
नई दिल्ली । डेस्क: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने गाजा में चल रहे हालात के विरोध में अंतर्राष्ट्रीय 'साइलेंस फॉर गाजा' आंदोलन में शामिल होने का ऐलान किया है. शनिवार को पार्टी ने एक बयान जारी कर लोगों से अपील की कि वे हर दिन रात 9 बजे से 9:30 बजे तक अपने मोबाइल फोन बंद रखें और सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट, लाइक या कमेंट न करें.
यह एक प्रतीकात्मक डिजिटल प्रतिरोध है, जिसे पार्टी ने युद्ध अपराधों के खिलाफ एक मजबूत कदम बताया है.
सीपीआई(एम) ने अपने बयान में कहा, "यह प्रतीकात्मक डिजिटल प्रतिरोध गाजा में इजरायल के क्रूर नरसंहार के खिलाफ फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता दिखाने का आह्वान है. हमारा यह कदम युद्ध अपराधों के खिलाफ एक सशक्त विरोध है."
पार्टी ने संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट (From Economy of Occupation to Economy of Genocide) का हवाला देते हुए बताया कि कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां गाजा में इजरायल के हमलों में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से शामिल हैं.
सीपीआई(एम) का कहना है, "ये कॉरपोरेशन हमारे डिजिटल व्यवहार से मुनाफा कमाते हैं और साथ ही नरसंहार को बढ़ावा देते हैं. आधे घंटे के लिए फोन बंद रखना निगरानी पूंजीवाद (surveillance capitalism) के खिलाफ भी एक विरोध है."
गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर हमले के बाद यह संघर्ष शुरू हुआ था. इसके जवाब में इजरायल के हमलों में गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक 57,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.