शिबू सोरेन को मरणोत्तर पद्म भूषण: Cong में चिंता और JMM में नाराजगी
रांची । डेस्क: केंद्र सरकार द्वारा झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के संस्थापक दिवंगत शिबू सोरेन को मरणोत्तर पद्म भूषण देने के फैसले ने झारखंड से लेकर दिल्ली तक की सियासत गरमा दी है. पद्म पुरस्कारों की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है कि क्या भाजपा इस सम्मान के जरिए हेमंत सोरेन को 'इंडिया' गठबंधन से खींचकर एनडीए में लाने की कोशिश कर रही है.
कांग्रेस इस घटनाक्रम से खासी चिंतित नजर आ रही है, क्योंकि उसे डर है कि यदि हेमंत सोरेन ने पाला बदला, तो झारखंड में गठबंधन सरकार गिर सकती है और राज्य में कांग्रेस के अस्तित्व पर संकट आ सकता है.
कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि मुश्किल समय में उन्होंने हेमंत सोरेन का साथ दिया था, जबकि बीजेपी ने उन्हें जेल भेजने और उनकी पार्टी तोड़ने का काम किया.
दूसरी ओर, जेएमएम ने इस सम्मान पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जहां अपने पिता को जनता का 'भारतरत्न' बताया, वहीं जेएमएम की राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने पद्म भूषण पर निराशा व्यक्त करते हुए इसे शिबू सोरेन के कद के साथ अन्याय बताया है.
पार्टी का कहना है कि वे 'दिशोम गुरु' के लिए भारतरत्न की मांग कर रहे थे और सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले हुई यह घोषणा पुराने समीकरणों को बदल सकती है, जैसा कि पूर्व में चौधरी चरण सिंह को भारतरत्न दिए जाने के बाद जयंत चौधरी के मामले में देखा गया था.
फिलहाल, कांग्रेस को यह डर सता रहा है कि जेएमएम के एनडीए की ओर झुकने से उसके अपने विधायक भी टूट सकते हैं.