रायगढ़ में चार दिनों के भीतर दूसरे हाथी शावक की मौत
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज अंतर्गत केराझरिया बांध के पास एक दलदल में फंसने से हाथी के बच्चे की मौत हो गई. पिछले चार दिनों के भीतर छाल रेंज में यह दूसरे हाथी शावक की मौत है, जिसने क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण और हाथियों के सुरक्षित आवास को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं.
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, छाल रेंज में वर्तमान में 35 हाथियों का एक दल विचरण कर रहा है. रविवार रात जब यह दल पानी पीने और नहाने के लिए केराझरिया बांध पहुँचा, तो करीब 4 से 10 महीने की उम्र का एक शावक कीचड़ भरे दलदली हिस्से में फंस गया.
शावक ने निकलने की काफी कोशिश की, लेकिन वह खुद को मुक्त नहीं कर पाया और दलदल में ही उसने दम तोड़ दिया. रात भर हाथियों का झुंड अपने साथी के पास रहकर चिंघाड़ता रहा, जिसकी आवाज आसपास के गांवों तक सुनाई दी.
सोमवार सुबह वन विभाग और हाथी मित्र दल की टीम मौके पर पहुँची, लेकिन दलदल और झुंड की मौजूदगी के कारण बचाव कार्य में कठिनाई आई. अंततः जेसीबी मशीन की मदद से शावक के शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के बाद उसे दफना दिया गया. इससे पहले बीते दिनों घोघरा बांध में भी एक शावक की डूबने से मौत हो गई थी.
स्थानीय निवासियों और वन्यजीव कार्यकर्ताओं में इस घटना को लेकर गहरा रोष है. 'सेव फॉरेस्ट कमेटी' के अध्यक्ष नरेश शर्मा का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की संख्या 400 के पार पहुँच चुकी है, लेकिन उनके आवास प्रबंधन और सुरक्षा के लिए कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है.
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सिकुड़ते जंगल, मानवीय हस्तक्षेप और खंडित होते गलियारों की वजह से हाथी और उनके शावक असुरक्षित हैं. वन्यजीव समूहों ने अब सरकार से तत्काल एलीफेंट कॉरिडोर विकसित करने और दलदली व संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग करने की मांग की है. AI Generateted Photo