सत्या निकेतन हादसा: DU के छात्रों का बेमियादी प्रदर्शन, दावा अभी भी 3-4 छात्र लापता
नई दिल्ली । डेस्क: दिल्ली के सत्या निकेतन इलाके में पेइंग गेस्ट (पीजी) इमारत ढहने की घटना के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के 150 से अधिक छात्रों ने अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. छात्रों ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली अग्निशमन सेवा द्वारा बचाव अभियान समाप्त किए जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि अभी भी 3 से 4 छात्र लापता हैं. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकार हादसे से जुड़ा पूरा और सही डेटा सार्वजनिक करे.
छात्रों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन मौतों की संख्या को कम करके पेश कर रहा है. घटना में अब तक सात लोगों की मौत और पांच के घायल होने की पुष्टि हुई है. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के प्रतिनिधियों का कहना है कि इमारत के बेसमेंट को अभी पूरी तरह से खाली नहीं कराया गया है, जहाँ कुछ और लोगों या मजदूरों के दबे होने की आशंका है.
लापता छात्रों के परिजन एम्स और सफदरजंग अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अपने बच्चों की कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है. इसके साथ ही, एम्स ट्रॉमा सेंटर में प्रवेश को लेकर भी परिजनों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है.
इस हादसे के बाद प्रशासन द्वारा अवैध और जर्जर इमारतों को खाली कराने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. इसके चलते सत्या निकेतन की गलियों में बड़े पैमाने पर छात्रों का पलायन देखने को मिल रहा है. विशेष रूप से चार या उससे अधिक मंजिलों वाले पीजी में रहने वाले छात्रों को तुरंत कमरे खाली करने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि इन इमारतों पर बुलडोजर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.
दूर-दराज के राज्यों से आए छात्रों को इस अचानक पलायन से भारी अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है, वहीं कई छात्रों ने मकान मालिकों पर सुरक्षा जमा राशि (सक्योरिटी डिपॉजिट) और अग्रिम किराया न लौटाने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मुख्य मांगों में मृतक छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना, क्षेत्र की सभी पीजी इमारतों का तत्काल सेफ्टी ऑडिट कराना, दोषी मकान मालिकों व जिम्मेदार लोगों को जेल भेजना और डीयू छात्रों के लिए सुरक्षित हॉस्टल सुविधाओं का प्रबंध करना शामिल है. दक्षिण परिसर के पास स्थित इस छात्र केंद्र में अब नए सुरक्षित ठिकाने की तलाश और भविष्य की सुरक्षा को लेकर भारी तनाव का माहौल बना हुआ है.