सक्ती जनपद सीईओ रिश्वत कांड में गिरफ्तार
सक्ती । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सहित तीन लोगों को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है. पकड़े गए आरोपियों में जनपद सीईओ निखिल कश्यप, सहायक ग्रेड-3 बाबू अविनाश ठाकुर और भृत्य (चपरासी) लच्छन भानु शामिल हैं.
एसीबी ने तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
यह पूरा मामला प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत कराए जा रहे विकास कार्यों की राशि जारी करने से जुड़ा है. दरअसल, ग्राम पंचायत लिमतरा की महिला सरपंच के बेटे अरुण कुमार भारद्वाज ने इस बात की लिखित शिकायत एसीबी से की थी.
पंचायत में निर्मला घाट और नाली निर्माण जैसे जनहित के कार्यों के लिए कुल ₹20 लाख की राशि स्वीकृत हुई थी. इसमें से ₹8 लाख का चेक पहले ही मिल चुका था, लेकिन शेष बची ₹12 लाख की किश्त जारी करने के एवज में जनपद सीईओ निखिल कश्यप और बाबू अविनाश ठाकुर लगातार ₹2 लाख के कमीशन की मांग कर रहे थे.
भ्रष्टाचार के खिलाफ जाल बिछाते हुए एसीबी की टीम ने सोमवार, 15 जून को शिकायतकर्ता को पैसे लेकर जनपद पंचायत कार्यालय भेजा. योजना के मुताबिक, जैसे ही सीईओ कश्यप के इशारे पर बाबू अविनाश ने चपरासी लच्छन भानु को पैसे थामने को कहा और पीड़ित ने ₹1 लाख की किश्त चपरासी को सौंपी, वैसे ही मुस्तैद खड़ी एसीबी की टीम ने तीनों को मौके पर ही दबोच लिया.
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी बाबू अविनाश ठाकुर पूर्व में ही चपरासी के जरिए ₹1 लाख की पहली किश्त वसूल चुका था, जिसके बाद वे बाकी बची रकम के लिए दबाव बना रहे थे. एसीबी ने केमिकल टेस्ट के बाद रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.