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चीन में अब आधे घंटे में तैयार हो रहे हैं रोबोट- ग्लोबल टाइम्स

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11 अग. 2026, 07:09 PM 4 मिनट में पढ़ें 1

रोबोट
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शेन्ज़ेन । डेस्क: दक्षिणी चीन के गुआंगडोंग प्रांत स्थित शेन्ज़ेन शहर की सड़कों पर इन दिनों भविष्य की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिल रही है. 4.2 मीटर लंबे ट्रक में एक ब्लैक बॉक्स सुरक्षित रखा जाता है, जिसके भीतर एक इंसानों जैसी दिखने वाली 'ह्यूमनॉइड' रोबोटिक मशीन बंद है. थोड़ी ही देर में यह ट्रक शहर के एक ओल्ड एज होम पहुंचता है, जहाँ यह रोबोट बुजुर्गों के लिए एक हंसमुख साथी की भूमिका निभाने जा रहा है. शेन्ज़ेन की सड़कों पर अब यह कोई अनहोनी बात नहीं है, बल्कि 'हुओलाला' जैसी फ्रेट कंपनियों के ड्राइवरों के लिए यह रोजमर्रा की दिनचर्या बन चुकी है. कभी कुछ ही कंपनियों तक सीमित रहने वाला यह काम अब इतना बढ़ चुका है कि डिलीवरी ड्राइवरों को रोजाना ऐसे कई ऑर्डर मिल रहे हैं.


पुराने औद्योगिक क्षेत्र से 'रोबोट वैली' बनने का सफर


यह सब संभव हुआ है शेन्ज़ेन के नानशान जिले में स्थित लिउक्सियन रोड के आसपास उभरे एक बेहद खास औद्योगिक इलाके के कारण, जिसे दुनिया अब 'रोबोट वैली' के नाम से जानती है. लगभग 28 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला यह 10 किलोमीटर लंबा गलियारा केवल एक दशक पहले पुराने औद्योगिक क्षेत्रों, निर्माण स्थलों और शहरी गांवों का हिस्सा हुआ करता था. आज यह इलाका दुनिया में सबसे तेजी से रोबोट बनाने वाले गढ़ के रूप में तब्दील हो चुका है. यहाँ रोबोट बनाने वाली कंपनियों से लेकर उनके स्पेयर पार्ट्स बनाने वाले सप्लायर, सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम फर्म और शोध संस्थान एक ही छत के नीचे या महज 20 से 30 मिनट की दूरी पर स्थित हैं.


5 से 10 गुना तेज़: क्यों दुनिया से आगे निकल रहा है चीन?


इस रोबोट वैली की सबसे बड़ी ताकत इसकी उत्पादन और विकास प्रक्रिया की अभूतपूर्व गति है. विशेषज्ञों और उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि दुनिया के अन्य विकसित देशों, विशेषकर अमेरिका की तुलना में चीन में रोबोट का आइडिया दिमाग में आने से लेकर उसका पहला मॉडल यानी प्रोटोटाइप तैयार करने और उसे बाजार में उतारने की प्रक्रिया लगभग पांच से दस गुना अधिक तेज है. जहाँ अमेरिका जैसे देशों में हार्डवेयर में एक छोटा सा बदलाव करने या नए पुर्जे मंगाने में पूरे एक हफ्ते से अधिक का समय लग जाता है, वहीं शेन्ज़ेन की रोबोट वैली में सप्लायर और इंजीनियर आधे घंटे के भीतर आमने-सामने बैठकर समस्या का समाधान निकाल लेते हैं.


'आधे घंटे का औद्योगिक दायरा' और रीयल-टाइम टेस्टिंग


यहाँ का 'आधे घंटे का औद्योगिक दायरा' तकनीक के विकास में क्रांतिकारी साबित हो रहा है. शोधकर्ता और इंजीनियर सुबह अपने R&D सेंटर में एल्गोरिदम में संशोधन करते हैं और 25 मिनट की ड्राइव करके सीधे मैन्युफैक्चरिंग बेस पहुँच जाते हैं. वहाँ वास्तविक मशीनों पर परीक्षण करने के बाद, शाम तक वापस आकर एल्गोरिदम को तुरंत अपडेट और ऑप्टिमाइज़ कर दिया जाता है. इस त्वरित प्रक्रिया के कारण यहाँ ह्यूमनॉइड रोबोट्स को मार्शल आर्ट्स और कॉम्बैट जैसी कठिन चुनौतियों के लिए बहुत कम समय में प्रशिक्षित किया जा रहा है. छोटी सप्लायर कंपनियां भी नए स्टार्टअप्स के साथ मिलकर बहुत छोटे स्तर पर सैंपल तैयार करने के लिए तैयार रहती हैं, जिससे उत्पादों का तेजी से परीक्षण संभव हो पाता है.


वैश्विक बाज़ार पर कब्ज़ा और स्वदेशी क्रांति की ओर कदम


आज इस क्षेत्र में संपूर्ण रोबोटिक्स वैल्यू चेन की 200 से अधिक कंपनियां काम कर रही हैं. इनमें 25 से अधिक पूर्ण ह्यूमनॉइड रोबोट निर्माता, 32 विशेषीकृत 'लिटल जाइंट' उद्यम और 15 सूचीबद्ध कंपनियां शामिल हैं. स्थिति यह है कि इस वैली में घूमते हुए किसी को भी मुड़ते ही हाथ हिलाता हुआ रोबोट, नाचते हुए रोबोटिक डॉग्स या रोबोटिक आर्म्स द्वारा बनाई गई कॉफी और खाना मिलना बेहद आम बात हो चुकी है.


यह तेज़ गति और पूर्ण सप्लाई चेन ही कारण है कि चीन का रोबोटिक्स उद्योग अब दुनिया का नेतृत्व कर रहा है. वैश्विक डेटा के अनुसार, वर्ष 2025 में दुनिया भर में बेचे गए कुल ह्यूमनॉइड रोबोट्स में से 84.7 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले चीन की रही है. इसका सीधा मतलब यह है कि दुनिया भर में बिकने वाले हर 10 में से 8 से अधिक रोबोट्स पर 'मेड इन चाइना' का ठप्पा लगा है.


चीन ने अपनी आगामी '15वीं पंचवर्षीय योजना' में एम्बॉडीड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI रोबोटिक्स को भविष्य के मुख्य उद्योगों में शामिल किया है. शीर्ष स्तर की सरकारी नीतियों और स्थानीय स्तर पर व्यावहारिक परीक्षण के लिए सार्वजनिक रास्ते खोलने की वजह से चीन का यह रोबोटिक्स उद्योग बहुत जल्द अपने उस मुकाम की ओर बढ़ रहा है, जहाँ रोबोट खुद नए रोबोट्स का निर्माण करने में सक्षम होंगे.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP