ग्लोबल साउथ का उदय: खत्म हो रहा पश्चिमी ताकतों का दबदबा, बनेगी नई वैश्विक व्यवस्था
तेहरान । डेस्क: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था एक ऐतिहासिक बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां पश्चिमी देशों का लंबे समय से चला आ रहा वर्चस्व अब कमजोर पड़ रहा है और उभरते हुए देश एक नई वैश्विक व्यवस्था की कमान संभालने की ओर बढ़ रहे हैं.
सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में गालिबाफ ने जोर देकर कहा कि दुनिया इस समय एक नई व्यवस्था की दहलीज पर खड़ी है.
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल के सैन्य व आर्थिक दबाव के खिलाफ ईरान के '70 दिनों के संघर्ष' ने इस वैश्विक बदलाव की गति को और तेज कर दिया है. इस प्रतिरोध ने वाशिंगटन और उसके सहयोगियों के नेतृत्व वाली एकध्रुवीय व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है.
The world stands at the cusp of a new order.
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) May 16, 2026
As President Xi said “The transformation unseen in a century is accelerating across the globe,” and I emphasize that the Iranian nation’s 70-day resistance has accelerated this transformation.
The future belongs to the Global South.
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बयानों का हवाला देते हुए ईरानी नेता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बदलाव की रफ्तार बहुत तेज है. अब एशिया, अफ्रीका और लाटिन अमेरिका (ग्लोबल साउथ) के विकासशील देश पश्चिमी राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव के विकल्पों की तलाश कर रहे हैं और आने वाला समय इन्हीं देशों का होगा.
गालिबाफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्यापार, टैरिफ और ताइवान जैसे मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण शिखर वार्ता संपन्न हुई है.
वैश्विक प्रतिबंधों और तनाव के बीच ईरान लगातार चीन और रूस के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में पश्चिमी देशों और उभरते हुए गुटों के बीच भू-राजनीतिक खींचतान और बढ़ने की संभावना है.