RBI ने रुपये को मजबूत करने 5 अरब डॉलर बेचे
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय रिजर्व बैंक ने इस महीने रुपये को मजबूत करने के लिए घरेलू और विदेशी मुद्रा बाजारों में 5 अरब डॉलर की बिक्री की है. यह कदम तब उठाया गया जब रुपया अपने सबसे निचले स्तर 87.89 प्रति डॉलर तक पहुंच गया था. यह जानकारी ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से दी.
RBI ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है. अगर यह रुझान जारी रहा, तो यह जनवरी के बाद RBI की सबसे बड़ी मासिक डॉलर बिक्री हो सकती है.
पिछले हफ्ते, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत के रूसी तेल खरीदने के कारण भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगा दिया, जिसके बाद रुपये में तेजी से गिरावट आई.
इस साल अब तक रुपया 2% से ज्यादा कमजोर हो चुका है, जिससे यह एशिया की सबसे कमजोर मुद्राओं में शामिल हो गया है.
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि रुपये की कमजोरी से आयातित सामानों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई बढ़ सकती है और पहले से कमजोर अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है.
RBI ने रुपये को स्थिर करने के लिए विदेशी बाजारों में भी हस्तक्षेप किया.
उसने नॉन-डिलिवरेबल फॉरवर्ड्स का इस्तेमाल किया, ताकि ज्यादा डॉलर बेचे बिना रुपये को नियंत्रित किया जा सके. यह रणनीति पिछले साल भी अपनाई गई थी.
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, यह हस्तक्षेप RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा के पहले की तुलना में अधिक सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो दिसंबर में पद संभालने के बाद से सतर्क रुख अपनाए हुए थे.