छत्तीसगढ़ में कहीं बारिश, कहीं ओले
रायपुर | संवाददाता: बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया का असर अब छत्तीसगढ़ में दिखाई देने लगा है. सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई. रायपुर और बिलासपुर में सुबह से बादल छाए रहे और दोपहर बाद रिमझिम बारिश हुई. मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है.
बलरामपुर (सरगुजा संभाग) और रायगढ़ में दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई. वाड्रफनगर और आसपास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान की आशंका है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है.
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है. कहीं-कहीं गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश की संभावना है. हालांकि अगले सात दिनों में तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं. बीते 24 घंटों में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 35 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों तक सक्रिय रहेगा. इससे जुड़ी नमी की ट्रफ तमिलनाडु, कर्नाटक और दक्षिण महाराष्ट्र तक फैली है, जो समुद्री नमी को अंदरूनी इलाकों तक पहुंचा रही है. ऊपरी वायुमंडल में ठंडी हवा और निचले स्तर पर बढ़ती नमी के कारण मौसम अस्थिर बना हुआ है.
हालांकि यह सिस्टम छत्तीसगढ़ के बहुत करीब नहीं है, इसलिए व्यापक तेज बारिश की संभावना कम है. फिर भी प्रदेश में आंशिक बादल, हल्की बारिश और तापमान में मामूली गिरावट देखी जा सकती है. खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) में बादल अधिक छाए रहने के आसार हैं.
फरवरी में आमतौर पर मौसम साफ रहता है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कभी-कभी गरज-चमक, आंधी और ओलावृष्टि की स्थिति बन जाती है. इसी कारण इस माह को मौसम के उतार-चढ़ाव वाला दौर भी माना जाता है.