छत्तीसगढ़ में बारिश, दो दिन बाद और तेज होने का पूर्वानुमान
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है. रविवार शाम से लेकर देर रात तक प्रदेश के कई जिलों में जमकर बारिश हुई.
मौसम विभाग ने सोमवार को भी प्रदेश के कई जिलों में बारिश होने की संभावना जताई है. इसके लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है. यह सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है.
मौसम विभाग ने 2 दिन बाद प्रदेश में तेज बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है. इस दौरान दो-तीन जगहों पर भारी बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग ने आज यानी सोमवार को छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है.
इसमें रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, दुर्ग, सूरजपुर, नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही आदि जिले शामिल हैं.
इस दौरान तेज गरज-चकम के साथ ही आकाशीय बिजली भी गिर सकती है. आंधी भी चल सकती है.
पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है. वहीं राजधानी रायपुर में आज दिन भर बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
मौसम विभाग ने दी चेतावनी
मौसम विभाग ने आने वाले 2-3 दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में लगातार बारिश होने की संभावना जताई है.
इस दौरान रायपुर और बिलासपुर जैसे क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है. किसानों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
खासकर बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए पेड़ के नीचे खड़ा होने से मना किया है. वहीं मौसम खराब होने पर कोई आवश्यक काम नहीं होने पर घर से बाहर निकलने से मना किया गया है.
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक वर्तमान में मानसून द्रोणिका उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, श्योपुर, गुना, दमोह, माना, गोपालपुर से होकर बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य तक फैली हुई है.
एक अन्य द्रोणिका मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ तक सक्रिय है, जो समुद्र तल से 3.1 से 7.6 किमी ऊंचाई तक फैली हुई है.
उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिससे दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तटीय इलाकों में असर दिख रहा है.
पूर्वानुमान हुआ गलत
इसके पहले मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में बारिश की गति में कमी आने का पूर्वानुमान लगाया था. 6 सितंबर से पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना जताई थी.
इसके दो दिनों बाद बारिश की गतिविधि और कमजोर होने वाली थी. हालांकि बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय था.
उसके असर से सिर्फ चुनिंदा इलाकों में हल्की बौछारें पड़ने की आशंका व्यक्त की गई थी. लेकिन निम्न दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ने के बजाय और गहरा रहा है.