रायगढ़: फर्जी पुलिसवाला बनकर विधवा से दुष्कर्म, सुरक्षाकर्मी गिरफ्तार
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक विधवा महिला को अपने जाल में फंसाने वाले आरोपी को चक्रधर नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. आरोपी असल में एक सिक्योरिटी गार्ड है, जिसने महिला को शादी का झांसा देकर न सिर्फ उसके साथ ज्यादती की, बल्कि उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाकर उसे लगातार ब्लैकमेल भी करता रहा.
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत मार्च 2026 में हुई थी, जब कोरबा में आयोजित एक धार्मिक आयोजन के दौरान चक्रधर नगर इलाके की रहने वाली 40 वर्षीय पीड़ित महिला की मुलाकात अक्षय कुमार कुम्हरानी (31) नाम के युवक से हुई. आरोपी अक्षय ने महिला के सामने खुद को पुलिस विभाग का कर्मचारी बताया और खाकी वर्दी में अपनी तस्वीरें भेजकर उसका भरोसा जीत लिया.
इसके बाद वह महिला से शादी करने की इच्छा जताकर अक्सर उसके गांव आने-जाने लगा. महिला के अकेलेपन का फायदा उठाकर उसने शादी का वादा किया और शारीरिक संबंध बनाए, जिसके दौरान उसने छिपकर महिला के अश्लील वीडियो और फोटो रिकॉर्ड कर लिए.
ब्लैकमेलिंग का यह सिलसिला तब और बढ़ गया जब 7 मई 2026 को पीड़िता अपनी मां के इलाज के सिलसिले में रायपुर गई हुई थी. वहां पहुंचे आरोपी ने महिला को घुमाने के बहाने ले जाकर अपनी असली करतूत दिखाई. उसने महिला को उन गुप्त वीडियो और तस्वीरों के बारे में बताते हुए आगे भी संबंध बनाए रखने का दबाव डाला.
जब महिला ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपी ने उन संवेदनशील सामग्रियों को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी दी.
इसके बाद 27 मई को आरोपी ने क्रूरता की हदें पार करते हुए महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो इंस्टाग्राम व फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दिए, साथ ही व्हाट्सएप पर अश्लील मैसेज भेजकर उसे जान से मारने की धमकी भी दी.
लगातार मिल रही धमकियों और सोशल मीडिया पर हुए उत्पीड़न से तंग आकर आखिरकार पीड़िता ने चक्रधर नगर थाने में न्याय की गुहार लगाई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अक्षय कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69, 296, 351(3) और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया.
साइबर सेल और चक्रधर नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को रायगढ़ से धर दबोचा और उसके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, जिसके बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया.
इस कार्रवाई के बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले तथा सोशल मीडिया के जरिए प्रताड़ित करने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस इसी तरह सख्त रवैया अपनाती रहेगी.