रायगढ़: उफनता नाला लांघकर खाट पर अस्पताल पहुंची गर्भवती
रायगढ़ । संवाददाता: रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ ब्लॉक में विकास के तमाम दावों के बीच पेलमा पंचायत के आश्रित गांव दर्रापारा में सड़क न होने का खामियाजा एक बार फिर ग्रामीणों को भुगतना पड़ा. शुक्रवार, 18 सितंबर की रात 35 वर्षीया राईसो राठिया को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर एंबुलेंस या कोई अन्य वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका.
मजबूरी में परिजनों और गांव वालों ने महिला को खाट पर लिटाया और अपने कंधों पर उठाकर अस्पताल की ओर निकल पड़े. इस दौरान ग्रामीणों ने अंधेरे में उफनते कुरजा नाला को जान जोखिम में डालकर पार किया और लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल सफर तय कर पेलमा स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे.
स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते ही चिकित्सा टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए महिला की डिलीवरी कराई, जिसमें मां और नवजात बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित एवं स्वस्थ हैं.
चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दोनों को एहतियातन तीन दिनों तक डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में रखा जाएगा और स्थिति सामान्य रहने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी.
इस पूरी घटना पर धरमजयगढ़ के खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) ने संज्ञान लेते हुए आश्वस्त किया है कि मां और बच्चे को सुरक्षित घर वापस पहुंचाने के लिए उचित परिवहन साधन की व्यवस्था की जाएगी.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव में लंबे समय से पक्की सड़क का न होना एक गंभीर समस्या बना हुआ है. खासकर मानसून के दौरान जब नाले में जलस्तर बढ़ जाता है, तब गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है और आपात स्थिति में किसी भी बीमार या गर्भवती मरीज को खाट के सहारे ही मुख्य सड़क या अस्पताल तक ले जाना पड़ता है.
इस संवेदनशील वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक बार फिर ग्रामीण अंचलों में बुनियादी अवसंरचना और स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है.