अलोकतांत्रिक तरीके से चलाई जा रही है संसद-राहुल गांधी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है.
नई दिल्ली | डेस्क : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है. वे संसद से बाहर पत्रकारों से बात कर रहे थे.
राहुल गांधी ने कहा, “विपक्ष के नेता को संसद में बोलने दिया जाता है. लेकिन जब भी मैं बोलने के लिए खड़ा होता हूं, मुझे बोलने नहीं दिया जाता है. पता नहीं, संसद किस तरह से चल रही है. जो हम कहना चाहते है, हमें कहने नहीं देते.”
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांदी ने कहा-“मैंने कुछ नहीं किया है, मैं बिल्कुल शांति से बैठा था. मैंने एक शब्द नहीं बोला. पिछले 7-8 दिन में मुझे बोलने नहीं दिया गया. ये एक नया तरीका है, जहां लोकतंत्र में विपक्ष की जगह होती है और सरकार की जगह होती है. यहां पर विपक्ष की जगह है ही नहीं.”
उन्होंने ये भी कहा कि जिस दिन संसद में प्रधानमंत्री मोदी कुंभ पर बात कर रहे थे, उस दिन उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया.
उन्होंने आगे कहा, “मैं कुंभ के साथ- साथ बेरोज़गारी के बारे में बोलना चाहता था, लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया.”
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया है कि संसद को अलोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है.
इधर तृणमूल कांग्रेस के नेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी इस पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने बिल्कुल सही कहा है. राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं. हम सब लोगों के नेता हैं. वो बहुत ही सक्षम और काबिल हैं. यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी उन्होंने बोलने की कोशिश की थी. लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया और आज भी उन्हें बोलने नहीं दिया गया है.”
उन्होंने इस घटना को शर्मनाक, गलत और निंदनीय कहा.
उन्होंने आगे कहा, “मैं स्पीकर का सम्मान करता हूं लेकिन पता नहीं क्या दबाव है और क्यों ऐसा हो रहा है कि समझ नहीं आ रहा है.”
वहीं बुधवार को संसद में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद में संसद के नियमों के अनुरूप मर्यादा और शालीनता बनाने की सदस्यों से अपील की.
उन्होंने कहा, "आप सबसे अपेक्षा की जाती है कि आप सदन में सदन की मर्यादा और शालीनता के उच्च मापदंडों को बनाए रखें. सदन में मेरे संज्ञान में ऐसी कई घटनाएं हैं. जहां माननीय सदस्यों के आचरण सदन की उच्च परंपराओं के मापदंडों के अनुरूप नहीं हैं."
"इस सदन में पिता, बेटी, मां, पत्नी और पति सदस्य रहे हैं. इस परिपेक्ष्य में मेरी नेता प्रतिपक्ष से ये अपेक्षा है कि लोकसभा प्रक्रिया कार्य संचरण नियम 349 के वर्णित सभा में नियमों के अनुरूप सदन में आचरण करें."
इसी के साथ उन्होंने कहा कि विशेष रूप से नेता प्रतिपक्ष से ये अपेक्षा की जाती है कि आचरण बनाए रखें.