पुतिन-मोदी की बैठक, भारत रूस देंगे व्यापार साझेदारी को नई दिशा
नई दिल्ली | डेस्क: भारत और रूस ने यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफ़टीए) पर बातचीत को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है. यह निर्णय रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया.
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि एफटीए से भारत और EAEU के बीच व्यापार असंतुलन को कम करने में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा, "दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि तय समयसीमा के भीतर ठोस परिणाम हासिल करने के लिए वार्ताओं में गति लाई जाए."
मिसरी के अनुसार, इस समझौते के लिए 'टर्म्स ऑफ़ रेफ़रेंस' को कुछ सप्ताह पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर की रूस यात्रा के दौरान अंतिम रूप दिया जा चुका है और उस पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं.
भारत को ईंधन की निर्बाध सप्लाई जारी रहने का आश्वासन
भारत दौरे पर आए राष्ट्रपति पुतिन ने आश्वस्त किया कि रूस भारत को बिना किसी बाधा के ऊर्जा आपूर्ति जारी रखेगा.
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका भारत पर रूस से तेल खरीद कम करने का दबाव बना रहा है. अमेरिका रूस से तेल खरीदने के आरोप में भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगा चुका है, जिससे कुल अमेरिकी शुल्क बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है.
अगस्त 2024 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह अतिरिक्त टैरिफ लगाया था. उनका आरोप है कि भारत रूसी तेल और हथियार खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध में रूस को लाभ पहुंचा रहा है, हालांकि भारत लगातार इस आरोप का खंडन करता रहा है.
उल्लेखनीय है कि 2022 में रूस से भारत का तेल आयात जहां केवल 2.5 प्रतिशत था, वहीं 2024-25 में रियायती मूल्य पर खरीद के कारण यह बढ़कर लगभग 35.8 प्रतिशत हो गया है.
आर्थिक सहयोग, व्यापार और शांति पर जोर
हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच व्यापक चर्चा के बाद दोनों नेताओं ने साझा बयान जारी किया.
पुतिन ने कहा, "रूस और भारत के संबंध बेहद मजबूत हैं. हम कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर नियमित रूप से बातचीत करते हैं. हमारा व्यापार रूपये और रुबल में हो रहा है और हम ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भी सहयोग बढ़ाने को तैयार हैं."
उन्होंने बताया कि दोनों देश लॉजिस्टिक रूट विकसित करने और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं.
पुतिन ने यह भी कहा कि रूस और भारतीय आर्थिक संगठन कई क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करते हुए कहा, "भारत के प्रति उनकी गहरी मित्रता के लिए मैं हृदय से आभार प्रकट करता हूं. यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब हमारी साझेदारी 25 साल पहले रखी गई नींव पर और मजबूत हो रही है. मुझे विश्वास है कि यह दौरा हमारे आर्थिक संबंधों को नई दिशा देगा और एफटीए के शीघ्र समापन का मार्ग प्रशस्त करेगा."
यूक्रेन संकट पर भारत की स्थिति दोहराते हुए पीएम मोदी ने कहा, "भारत शुरुआत से ही शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है और आगे भी रहेगा. रूस ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में हमेशा हमारा साथ दिया है. भारत-रूस मित्रता नई वैश्विक चुनौतियों का सामना करने को तैयार है."
मोदी ने पुतिन की 2001 की पहली भारत यात्रा को याद करते हुए कहा, "आज 25 वर्ष बाद, यह स्पष्ट है कि रणनीतिक साझेदारी की जो नींव उस समय रखी गई थी, वह लगातार मजबूत होती गई है. यह विजनरी नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण है."
यूक्रेन युद्ध पर चर्चा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमारी लगातार बातचीत होती रही है. आपने हमेशा एक सच्चे मित्र की तरह हमें स्थिति से अवगत कराया है. हमारा मानना है कि शांति का मार्ग ही मानवता का मार्ग है. भारत न्यूट्रल नहीं है, भारत शांति के पक्ष में खड़ा है. हम शांति के हर प्रयास का समर्थन करते हैं और दुनिया को संकटों से उबारने के प्रयासों में शामिल हैं."