पंजाब में सबसे भयावह बाढ़, 30 मौतें, 3 राज्यों में स्कूल बंद
नई दिल्ली । डेस्क: पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है. समाचार सूत्रों के अनुसार, पंजाब में पिछले 40 वर्षों में ऐसी भयावह बाढ़ नहीं देखी गई. सूत्रों के मुताबिक, शतद्रु, ब्यास और रावी नदियों के उफान और मौसमी नदियों के कारण पंजाब के 23 जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. 1988 के बाद से यह सबसे भयानक बाढ़ स्थिति है. अब तक बाढ़ और बारिश के कारण पंजाब में 30 लोगों की मौत हो चुकी है. सबसे अधिक प्रभावित जिले गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरन तारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर हैं.
छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, पंजाब सरकार ने 7 सितंबर तक सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों को बंद रखने का फैसला किया है. हिमाचल प्रदेश में भी स्थिति को देखते हुए 7 सितंबर तक स्कूल और कॉलेज बंद रखने का निर्णय लिया गया है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने हिमाचल प्रदेश में रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें अगले कुछ घंटों में मध्यम से भारी बारिश, अचानक बाढ़, भूस्खलन और जलभराव का जोखिम होने की चेतावनी दी गई है. मंडी, ऊना, बिलासपुर, सिरमौर और सोलन जैसे जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है.
जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश के कारण पुंछ, मीरपुर, राजौरी, रियासी, जम्मू, रामबन, उधमपुर, सांबा, कठुआ, डोडा और किश्तवाड़ में रेड अलर्ट जारी किया गया है. पंजाब के कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, रूपनगर, मोगा, लुधियाना, बरनाला और संगरूर जैसे जिले भी अलर्ट के दायरे में हैं. हरियाणा में यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, पंचकुला और एसएएस नगर में भी यही स्थिति है. इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिम और पूर्व मध्य प्रदेश, और ओडिशा में भी भारी बारिश की संभावना के लिए अलर्ट जारी किया गया है.
दिल्ली में भी बाढ़ का खतरा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भी बाढ़ के खतरे का सामना कर रही है. बुधवार सुबह 7 बजे यमुना नदी का जलस्तर 206.8 मीटर तक पहुंच गया, जो 13 जुलाई 2023 को दर्ज किए गए 208.66 मीटर से केवल 1.8 मीटर कम है. हथिनीकुंड से 1.76 लाख क्यूसेक, वजीराबाद से 93,260 क्यूसेक और ओखला से 1.15 लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है.
इस स्थिति से निपटने के लिए पुराना रेलवे ब्रिज (ORB) बंद कर दिया गया है और निचले इलाकों में आपातकालीन उपाय किए जा रहे हैं. लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसमें मूर्ति विसर्जन पर भी रोक शामिल है. बाढ़ के खतरे को देखते हुए निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है.