डाक विभाग की नई पहल: 'पैकर्स एंड मूवर्स' सेवा
कोलकाता । डेस्क: अगर आप घर बदलने की योजना बना रहे हैं और घरेलू सामान, किताबें तथा अन्य वस्तुएं स्थानांतरित करने की चिंता आपको सता रही है, तो अब राहत की खबर है. भारतीय डाक विभाग (Post Office) जल्द ही एक ऐसी सेवा शुरू करने जा रहा है जो निजी 'पैकर्स एंड मूवर्स' सेवाओं के लगभग समान होगी, लेकिन इसका खर्च बाजार की निजी एजेंसियों की तुलना में काफी कम होगा.
इस नई सेवा के तहत, ग्राहक अपना सामान पैकिंग के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे वाले नजदीकी डाकघर काउंटर पर ला सकते हैं. शुरुआत में, डाक विभाग मुख्य रूप से शैक्षणिक संस्थानों के हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संबंधित संस्थानों के साथ अनुबंध करने की पहल कर रहा है.
डाक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी शैक्षणिक संस्थान के हॉस्टल के छात्र को नौकरी के लिए देश में कहीं और जाना है या पढ़ाई पूरी होने के बाद घर लौटना है, तो डाक कर्मी उनका सामान नए पते पर पहुँचाने में मदद करेंगे. इसकी लागत निजी एजेंसियों से कम होगी.
डाक विभाग सूत्रों के अनुसार, अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से पार्सल प्रणाली का आधुनिकीकरण किया गया है.
पहले केवल पैक किए गए सामान को ही भेजा जा सकता था, लेकिन बाद में डाकघरों में ही सामान की पैकिंग शुरू हुई. जीपीओ (GPO) जैसे कुछ डाकघरों में अंतर्राष्ट्रीय मानकों की पैकेजिंग के लिए अत्याधुनिक तकनीक भी लाई गई है.
इन काउंटरों पर पैकेजिंग की सुविधा विकसित करने की पहल की जा रही है. छात्र आसानी से अपने हॉस्टल का सामान यहां लाएंगे, उसे पैक करवाएंगे और निर्दिष्ट पते पर भेज सकेंगे. आम जनता भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेगी.
हालांकि, हॉस्टल के कमरे में ही पैकिंग की सुविधा क्यों नहीं दी जाएगी? इस पर विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "ऐसे कार्यों के लिए हॉस्टल के अंदर प्रवेश की अनुमति प्राप्त करने में समस्या हो सकती है. इसके अलावा, सभी की सुरक्षा का विषय भी जुड़ा होता है. इसलिए, बिना किसी झंझट के सुचारु सेवा के लिए यह निर्णय लिया गया है."