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पेपर लीक: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा स्थगित

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27 जून 2026, 02:46 PM 5 मिनट में पढ़ें 2

Examination paper leak
Examination paper leak

मुंबई । डेस्क: महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने रविवार (28 जून 2026) को राज्य भर के 1,028 केंद्रों पर आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 2026 को पेपर लीक की आशंका के बाद शनिवार को अचानक स्थगित कर दिया. सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए यह कड़ा फैसला लिया गया है. 


परिषद ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की नई तारीखों और अन्य अपडेट की घोषणा जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर की जाएगी.

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यह पूरा मामला ठाणे जिले के भिवंडी से सामने आया, जहां पुलिस को एक गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर पेपर लीक होने की सूचना मिली थी. इसके तुरंत बाद भिवंडी पुलिस ने छापेमारी कर तफ्तीश शुरू की. 


जांच के दौरान महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने जब्त किए गए दस्तावेजों का मिलान किया. आधिकारिक बयान के अनुसार, संदिग्धों के पास से बरामद किए गए कुछ सवाल और रविवार को होने वाले मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र के सवाल बिल्कुल एक जैसे पाए गए. इस मामले में भिवंडी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है.


परीक्षा स्थगित होने के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है. महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है. 


उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार एक भी परीक्षा पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने में सक्षम क्यों नहीं है? उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे.


भारत में प्रतियोगी और पात्रता परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली का यह कोई पहला मामला नहीं है. पिछले कुछ वर्षों का इतिहास देखें तो देश के विभिन्न राज्यों और राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी कई बड़ी परीक्षाएं रद्द या स्थगित करनी पड़ी हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका है.


इसी साल (2026) देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा NEET-UG में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और व्यवस्थागत विफलता का मामला सामने आया, जिसके कारण 3 मई को हुई परीक्षा को रद्द करना पड़ा और बाद में 21 जून को इसे दोबारा आयोजित कराया गया. इस मामले में परीक्षा से एक महीने पहले ही एक 'गेस पेपर' सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा था, जिसके सवाल मुख्य परीक्षा से मेल खा रहे थे. 


केंद्र सरकार को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपनी पड़ी और 13 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया. यहां तक कि फर्जी सूचनाओं और प्रश्नपत्रों के प्रसार को रोकने के लिए सरकार को जून के मध्य में कुछ समय के लिए टेलीग्राम ऐप पर प्रतिबंध भी लगाना पड़ा था.


इससे पहले साल 2025 में भी ओडिशा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (BSE) को पेपर लीक के आरोपों के बाद विशेष ओडिशा शिक्षक पात्रता परीक्षा (OTET) को परीक्षा शुरू होने से महज कुछ घंटे पहले अचानक रद्द करना पड़ा था, जिससे 75,000 से अधिक उम्मीदवार प्रभावित हुए थे. 


इसी तरह मार्च 2025 में रेलवे बोर्ड को भी ग्रुप 'सी' की विभागीय प्रतियोगी परीक्षाओं (LDCE और GDCE) को रद्द करना पड़ा था, जब सीबीआई ने पेपर लीक के सिलसिले में रेलवे के 26 कर्मियों को गिरफ्तार किया था.


साल 2024 तो परीक्षाओं के लिहाज से बेहद विवादित रहा. इस साल परीक्षा के अगले ही दिन यूजीसी-नेट (UGC-NET 2024) परीक्षा को इसलिए रद्द कर दिया गया क्योंकि इसकी शुचिता प्रभावित होने की आशंका थी, जिससे 9 लाख से अधिक छात्रों का भविष्य अनिश्चितता में घिर गया था (बाद में यह परीक्षा ऑनलाइन कराई गई). 


इसी साल NEET-UG 2024 को लेकर भी देशव्यापी आक्रोश देखने को मिला था, जब जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले ही कुछ चुनिंदा व्हाट्सएप ग्रुप्स पर पैसे लेकर प्रश्नपत्र शेयर किए गए थे. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के बाद एक बड़े 'संगठित नेटवर्क' का भंडाफोड़ हुआ था. इसके अलावा ऐन वक्त पर NEET-PG और CSIR-UGC NET परीक्षाओं को भी शुचिता भंग होने के डर से टालना पड़ा था.


अगर इससे पीछे जाएं, तो साल 2023 में बिहार पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर नकल और पेपर लीक के बाद 1 अक्टूबर को हुई लिखित परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया गया था और राज्य भर से 130 से अधिक लोगों को दबोचा गया था. 


वहीं साल 2022 में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 67वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा का पेपर परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद आयोग को परीक्षा रद्द करनी पड़ी और सितंबर में इसे दोबारा आयोजित किया गया. 


इसी साल (2022) सीयूईटी-यूजी (CUET-UG) परीक्षा के दौरान भी तकनीकी गड़बड़ियों के कारण कई केंद्रों पर परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं. लगातार सामने आ रहे ये मामले बताते हैं कि परीक्षाओं को पारदर्शी तरीके से कराना देश भर में एक बड़ी चुनौती बन चुका है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP