पाक जासूस 'मैडम N' का जाल कहां तक
पाकिस्तानी जासूस मैडम एन
नई दिल्ली । डेस्क: पाकिस्तान की मैडम N ने भारत में जासूसी का जाल फैलाया. हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कई ऐसे लोगों को हिरासत में लिया है, जो देश की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान के साथ साझा कर रहे थे. सुरक्षा जानकारों के अनुसार इस नेटवर्क की मास्टरमाइंड एक पाकिस्तानी बिजनेस वुमन नोशाबा शहजाद उर्फ 'मैडम N' निकली, जिसने भारत में जासूसों का एक विशाल जाल बिछाया है.
लाहौर में 'जयाना ट्रैवल्स एंड टूरिज्म' नाम की कंपनी चलाने वाली नोशाबा शहजाद कोई साधारण महिला नहीं है. वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की एक अहम कड़ी है, जिसे कोडनेम 'मैडम N' दिया गया. जांच में खुलासा हुआ है कि नोशाबा ने भारत के कई यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को अपने जाल में फंसाया. वह इन लोगों को पाकिस्तान यात्रा के लिये वीजा और अन्य सुविधायें उपलब्ध कराती थी, लेकिन इसका असली मकसद था उन्हें जासूसी के लिए तैयार करना.
सूत्रों के अनुसार, नोशाबा शहजाद ने भारत में कम से कम 500 जासूसों का एक स्लीपर सेल नेटवर्क तैयार किया था. ये जासूस देश के किसी भी हिस्से में छिपे हो सकते हैं और जरूरत पड़ने पर सक्रिय हो सकते हैं. नोशाबा के पति, जो पाकिस्तान की सिविल सेवा से रिटायर्ड अधिकारी हैं, ने भी इस नेटवर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. आईएसआई और पाकिस्तानी सेना के निर्देश पर नोशाबा ने भारतीय नागरिकों को निशाना बनाया और उन्हें जासूसी के लिए प्रेरित किया.
नोशाबा ने सोशल मीडिया की ताकत को हथियार बनाया. वह भारतीय यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स को पाकिस्तान यात्रा का लालच देती थी. इसके लिये वह अपनी ट्रैवल एजेंसी का इस्तेमाल करती थी. एक बार ये लोग पाकिस्तान पहुंचते, तो उन्हें आईएसआई और पाकिस्तानी सेना के संपर्क में लाया जाता था. ज्योति मल्होत्रा और जसबीर सिंह जैसे यूट्यूबर्स इस जाल में फंस गए और देश की गोपनीय जानकारी लीक करने में शामिल हो गये.
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने नोशाबा के बैंक खातों और भारत-पाकिस्तान के बीच मनी ट्रेल की गहन जांच की. दिल्ली में पाकिस्तानी दूतावास में काम करने वाले एक वीजा अधिकारी दानिश का भी इस मामले में नाम सामने आया, जिसे मई में भारत से निष्कासित कर दिया गया था.
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अब उन सभी लोगों की तलाश में हैं, जो इस जासूसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. नोशाबा शहजाद और उसके नेटवर्क पर नजर रखी जा रही है ताकि भारत में स्लीपर सेल की गतिविधियों को पूरी तरह खत्म किया जा सके. यह मामला देश की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पेश करता है, और जांच एजेंसियां इसे लेकर पूरी तरह सतर्क हैं.
यह खुलासा देशवासियों के लिए एक चेतावनी है कि सोशल मीडिया के जरिए दुश्मन देश की साजिशें कितनी आसानी से हमारे बीच घुसपैठ कर सकती हैं.