FSSAI ने खाद्य उत्पादों पर ORS शब्द के उपयोग पर लगाई रोक
हैदराबाद । डेस्क: हैदराबाद की एक बाल रोग विशेषज्ञ, डॉ. शिवरंजनी संतोष, की आठ साल लंबी कानूनी लड़ाई ने एक बड़ा नियामक बदलाव ला दिया है. चीनी से भरपूर पेय पदार्थों को ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) के रूप में गलत तरीके से प्रचारित करने के खिलाफ उनकी लगातार लड़ाई के परिणामस्वरूप, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है.
FSSAI का नया निर्देश: 14 अक्टूबर को जारी किए गए निर्देश में FSSAI ने स्पष्ट किया है कि कोई भी खाद्य ब्रांड अपने उत्पादों पर 'ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट्स' या 'ORS' शब्द का उपयोग नहीं कर सकता है, जब तक कि उसका फॉर्मूलेशन विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा अनुशंसित मानकों का सख्ती से पालन न करे. इस आदेश में फूड बिज़नेस ऑपरेटर्स (FBOs) को 'ORS' का उपयोग करने के लिए पूर्व में दी गई सभी अनुमतियों को तत्काल वापस लेने का भी निर्देश दिया गया है.
FSSAI ने 15 अक्टूबर को एक स्पष्टीकरण भी जारी किया, जिसमें पुष्टि की गई कि फल-आधारित या रेडी-टू-ड्रिंक उत्पादों के नाम में ORS का उपयोग करना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन है, क्योंकि यह उपभोक्ताओं को गलत, भ्रामक और त्रुटिपूर्ण लेबलिंग के माध्यम से गुमराह करता है.
एक डॉक्टर की जन सुरक्षा के लिए जंग: डॉ. शिवरंजनी संतोष ने लगभग एक दशक पहले भ्रामक मार्केटिंग प्रथाओं पर सवाल उठाना शुरू कर दिया था. 2022 में, उन्होंने तेलंगाना उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की, जिसमें उन पेय पदार्थों की बिक्री को चुनौती दी गई जो WHO-अनुशंसित इलेक्ट्रोलाइट और ग्लूकोज मानकों को पूरा न करने के बावजूद ORS के रूप में विज्ञापित किए जा रहे थे. उन्होंने बताया कि किस तरह कई कंपनियां 'फ्रूट जूस' और अन्य मीठे पेय पदार्थों को ORS बताकर बेच रही थीं, जिससे बच्चों और मधुमेह के रोगियों को संभावित स्वास्थ्य जोखिम हो सकते थे.
जीत पर डॉ. संतोष के विचार: FSSAI के आदेश को वर्षों की दृढ़ता और जन समर्थन का परिणाम बताते हुए, डॉ. शिवरंजनी संतोष ने कहा, “यह एक जंग थी. आठ साल की लड़ाई, तीन साल जनहित याचिका दायर करना, और चार से पांच साल तक उदासीनता से लड़ना. यह जीत केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि जन शक्ति की है, उन सभी डॉक्टरों, वकीलों, माताओं और इन्फ्लुएंसरों की है जो मेरे साथ खड़े थे. मैं अडिग रही, और हम जीत गए.”
WHO बनाम अत्यधिक चीनी वाले उत्पाद: WHO के मानक ORS फॉर्मूले में प्रति लीटर पानी में केवल 13.5 ग्राम डेक्सट्रोज एनहाइड्रस (चीनी) होता है, जबकि कई उत्पादों में प्रति लीटर लगभग 120 ग्राम तक चीनी होती है. यह अंतर स्वास्थ्य की दृष्टि से गंभीर है, और FSSAI का नया निर्देश उपभोक्ता स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.