विपक्ष ने केंद्रीय बजट को बताया 'जनविरोधी' और 'दिशाहीन'
नई दिल्ली । डेस्क: विपक्षी दलों ने रविवार 1 फरवरी, 2026 को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 की कड़ी आलोचना करते हुए इसे 'गरीब विरोधी' और जमीनी हकीकत से कटा हुआ करार दिया है.
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बजट को 'चेहराहीन और विजनलेस' बताते हुए आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने अपने 85 मिनट के भाषण में पश्चिम बंगाल का एक बार भी जिक्र नहीं किया, जो केंद्र के भेदभावपूर्ण रवैये को दर्शाता है.
वामपंथी दलों ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उर्वरक, खाद्य और पेट्रोलियम सब्सिडी में कटौती करके सरकार ने किसानों और मजदूरों पर सीधा हमला किया है.
माकपा महासचिव एम.ए. बेबी और भाकपा महासचिव डी. राजा ने साझा बयान में कहा कि यह बजट केवल कॉर्पोरेट घरानों के हितों को साधने के लिए है और इसमें बेरोजगारी व महंगाई जैसे बुनियादी मुद्दों की अनदेखी की गई है.
विपक्षी नेताओं का तर्क है कि राज्यों को मिलने वाले फंड में कमी से संघीय ढांचे को नुकसान पहुँचा है और 'विकसित भारत' का नारा खोखला साबित हो रहा है.