देश में सिर्फ 1000 में से 12 युवाओं को ही मिल रही है नौकरी- राहुल गांधी
प्रयागराज । डेस्क: इलाहाबाद के कायस्थ पाठशाला मैदान में शनिवार को आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में युवाओं का भारी आक्रोश देखने को मिला. मूसलाधार बारिश के बावजूद तीन घंटे से अधिक समय तक डटे रहे हजारों छात्रों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक नए अंदाज में नजर आए.
उन्होंने घटती नौकरियों, पेपर लीक और प्रशासनिक रवैये पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया. राहुल गांधी ने देश में जारी बेरोजगारी के आंकड़े पर चिंता जताते हुए एक बड़ा दावा किया कि आज के भारत में 1000 में से केवल 12 युवाओं को ही रोजगार मिल पा रहा है.
सफेद टी-शर्ट की जगह गुलाबी शर्ट पहनकर मंच पर पहुंचे राहुल गांधी ने युवाओं की आवाज बनने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि देश का युवा आज एक 'चक्रव्यूह' में फंस चुका है. लाखों रुपये खर्च करके इंजीनियरिंग, मेडिकल या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद भी युवाओं को नौकरी की कोई गारंटी नहीं मिल पा रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि निजीकरण और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को प्रोत्साहन न मिलने के कारण सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों में नौकरियां तेजी से खत्म हो रही हैं. इसके चलते देश के युवाओं को 21वीं सदी का नया मजदूर बनाकर 'गिग वर्कर' या डिलीवरी बॉय बनने पर मजबूर किया जा रहा है.
मंच के पीछे लगी विशाल स्क्रीन के जरिए राहुल गांधी ने विभिन्न आंकड़ों और प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी बात रखी. उन्होंने डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं द्वारा पैदा किए जा रहे डेटा का इस्तेमाल बड़े कॉरपोरेट घराने अपनी संपत्ति बढ़ाने के लिए कर रहे हैं.
युवाओं को रील्स और सोशल मीडिया में उलझाकर रखा जा रहा है, ताकि वे रोजगार को लेकर सरकार से तीखे सवाल न पूछ सकें. उन्होंने कहा कि डेटा युवाओं की कल्पनाशीलता से बनता है, लेकिन इसका पूरा फायदा चंद उद्योगपतियों को दिया जा रहा है.
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भाषणबाज़ी के बजाय युवाओं को सीधे मंच पर बुलाकर अपनी बात रखने का मौका दिया गया. कई प्रदर्शनकारी छात्रों ने मंच पर आकर पेपर लीक, भ्रष्टाचार और विश्वविद्यालय स्तर की गड़बड़ियों पर अपना दर्द बयां किया.
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रा स्वाति सोनकर ने बताया कि प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक में भारी सुधार की जरूरत है, जहां कॉपियां जांचे बिना नंबर दिए जा रहे हैं.
राहुल गांधी ने छात्रों को नफरत और हिंसा से दूर रहकर व्यवस्था में बदलाव लाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि युवाओं की असीम ऊर्जा के रास्तों को बंद कर दिया गया है, लेकिन छात्र शक्ति ने ही देश से डर का माहौल खत्म किया है. कार्यक्रम के दौरान शहर में विरोध स्वरूप लगे पोस्टरों के बावजूद उत्तर प्रदेश और बिहार से भारी संख्या में आए छात्रों ने आयोजन को सफल बनाया.