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ऑनलाइन गेमिंग बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी, अब कानून बना

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23 अग. 2025, 12:33 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल, 2025 को अपनी मंजूरी दे दी है. जिसके बाद यह बिल अब कानून बन गया है. यह बिल गुरुवार को संसद द्वारा पारित किया गया था, जब इसे राज्यसभा में भी हंगामे के बीच ध्वनिमत से मंजूरी मिली थी.


इस बिल को बुधवार को लोकसभा में पारित किया गया था. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे विचार और पारित करने के लिए राज्यसभा में पेश किया था. 

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यह कानून ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र, जिसमें ई-स्पोर्ट्स, शैक्षिक खेल और सामाजिक गेमिंग शामिल हैं, को बढ़ावा देने और नियंत्रित करने का लक्ष्य रखता है, साथ ही ऑनलाइन मनी गेम्स और उनसे संबंधित विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाता है.


नए कानून में ऐसी सेवाओं को सुविधाजनक बनाने वालों के लिए कठोर दंड का प्रावधान है, जिसमें तीन साल तक की कैद और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना शामिल है. 


इसके अलावा, ऐसे प्लेटफार्मों का विज्ञापन या प्रचार करने पर दो साल तक की सजा और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.


संसद द्वारा बिल को मंजूरी मिलने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समाज को ऑनलाइन मनी गेम्स के हानिकारक प्रभावों से बचाएगा. 


राज्यसभा ने गुरुवार को मात्र 26 मिनट में इस बिल को पारित कर दिया, जबकि लोकसभा ने इसे बुधवार को सात मिनट में मंजूरी दी थी.


दोनों सदनों में विपक्षी सदस्यों ने प्रक्रियात्मक अनियमितताओं और अपर्याप्त बहस का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध किया.


वैष्णव ने कानून को पेश करते हुए तर्क दिया कि यह कदम ऑनलाइन जुए के कारण परिवारों को वित्तीय बर्बादी से बचाने के लिए आवश्यक है. 


उन्होंने राज्यसभा में कहा, "समय-समय पर समाज को सामाजिक बुराइयों से जूझना पड़ता है. ऐसी परिस्थितियों में, सरकार और संसद का कर्तव्य है कि वे इनका अध्ययन करें और इन्हें नियंत्रित करने के लिए कानून बनाएं." 


उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 45 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं और ऑनलाइन मनी गेम्स के कारण लगभग 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP