ओडिशा: यौन पीड़ित छात्रा की मौत
कोलकाता । डेस्क: ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक छात्रा की दुखद मृत्यु ने राज्य में सनसनी मचा दी है. इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने वर्तमान राज्य सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है.
नवीन पटनायक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा, "यह अत्यंत दुखद है कि यह घटना कोई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि एक ऐसी व्यवस्था का परिणाम थी, जिसने पीड़िता की मदद करने के बजाय मौन रहना चुना. न्याय के लिए संघर्ष करते हुए उस छात्रा ने अंततः अपनी जान गंवा दी."
पटनायक ने इस घटना को 'संस्थागत विश्वासघात' करार देते हुये इसे 'नियोजित अन्याय' बताया. उन्होंने कहा कि छात्रा की मृत्यु केवल शारीरिक चोटों का परिणाम नहीं थी, बल्कि यह सरकार की उदासीनता और लापरवाही का नतीजा थी, जिसने उसे असहाय छोड़ दिया.
गौरतलब है कि बालासोर के फकीर मोहन कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा ने कॉलेज के एक विभागाध्यक्ष पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. इसके बाद, उसने आत्महत्या का प्रयास किया, जिसके कारण उसे गंभीर हालत में एम्स भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया था. दुर्भाग्यवश, वह जिंदगी की जंग हार गई.
छात्रा के परिवार ने दावा किया है कि उनकी बेटी लंबे समय से यौन उत्पीड़न का शिकार थी. परिवार का कहना है कि छात्रा ने कॉलेज प्रशासन से इसकी शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. प्रशासन की इस निष्क्रियता से आहत होकर छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया.
इस मामले में पुलिस ने विभागाध्यक्ष समीर साहू को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है.
इसके अतिरिक्त, सोमवार को कॉलेज के निलंबित प्रिंसिपल दिलीप कुमार घोष को भी हिरासत में लिया गया. हालांकि, दिलीप घोष ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है. लोग सरकार और कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं.
नवीन पटनायक ने इस मामले में तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.